Bhilai News: बेरोजगारों से संपर्क किया और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 11 लाख रुपए ठग लिए। मामले में पहले ही अर्चना जैतवार और भिलाई-3 निवासी नौशाद अली को गिरफ्तार किया जा चुका है
Bhilai News: छत्तीसगढ़ मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11 लाख रुपए की ठगी के मामले में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के खैरलांजी थाना की पुलिस टीम तीन दिन तक भिलाई में दबिश देती रही, लेकिन मुख्य संदिग्ध हैकर को पकडऩे में सफल नहीं हो सकी। टीम को अंतत: खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी भिलाई-3 निवासी हुसैन रिजवी उर्फ हसन खान लंबे समय से फरार था। जांच के दौरान उसका लोकेशन कबीरधाम में मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद टीम साक्ष्य जुटाने के लिए भिलाई पहुंची।
फरारी के दौरान आरोपी हुसैन रिजवी नागपुर होते हुए बालाघाट पहुंचा था। हाल ही में कबीरधाम में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से लैपटॉप, लेजर बुक सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा आरोपी ने खर्च कर दिया।
खैरलांजी थाना टीआई दीपक गौतम के मुताबिक, आरोपी ने खुद को छत्तीसगढ़ के उच्च पदस्थ लोगों से जुड़ा बताकर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बालाघाट निवासी अर्चना जैतवार के माध्यम से उसने पांच बेरोजगारों से संपर्क किया और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 11 लाख रुपए ठग लिए। मामले में पहले ही अर्चना जैतवार और भिलाई-3 निवासी नौशाद अली को गिरफ्तार किया जा चुका है।
संदिग्ध हैकर तक पहुंचकर भी नहीं कर सके गिरफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में एक संदिग्ध हैकर आरिफ का नाम सामने आया। भिलाई पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसकी तलाश भी की और कथित तौर पर उसके करीब तक पहुंच गई, लेकिन उसे हिरासत में नहीं ले सकी। तीन दिन की कार्रवाई के बाद टीम आरोपी हुसैन रिजवी को लेकर वापस लौट गई। मामले में आगे की जांच जारी है।
यूनिवर्सल सर्विसेस के कर्मचारी शुभम् देवांगन ने यह धोखाधड़ी 18 मार्च से 6 अप्रैल के बीच किया। वह फर्म का विश्वास पात्र कर्मचारी था। इसी का फायदा उठाकर उसने, उस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदने वाले ग्राहकों से फर्म के क्यू आर के बजाय अपने बनाए क्यू आर कोड में अलग अलग दिन कुल 143900 रूपए ट्रांसफर कराता रहा।
बिके सामान की फर्म के एकाउंट में आता न देख गौरव ने ग्राहकों से संपर्क किया तो उन्होंने शुभम का कोड दिखाकर भुगतान कर देने की जानकारी दी। इस धोखाधड़ी का खुलासा होने पर गौरव की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 316-4,318-4 का मामला दर्ज किया। आरोपी पकड़ से बाहर है।