भिलाई

Patrika Positive News : टूटती सांसों से जीवन को खत्म होते देख दोस्तों ने मिलकर बनाया ऑक्सीजन बैंक, 70 से ज्यादा लोगों की  बचाई जान

Patrika Positive News :जब जरूरतमंदों की मदद करने लोग अपना हाथ बढ़ाते हैं तो उसमें धर्म या जाति नहीं देखते। कुछ ऐसा ही मदद का हाथ फ्रेंड्स क्लब के सदस्यों ने समाज के लिए बढ़ाया।

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May 15, 2021
Patrika Positive News : टूटती सांसों से जीवन को खत्म होते देख दोस्तों ने मिलकर बनाया खुद का ऑक्सीजन बैंक, 70 से ज्यादा लोगों की  बचाई जान
Patrika Positive News : टूटती सांसों से जीवन को खत्म होते देख दोस्तों ने मिलकर बनाया खुद का ऑक्सीजन बैंक, 70 से ज्यादा लोगों की  बचाई जान

भिलाई. जब जरूरतमंदों की मदद करने लोग अपना हाथ बढ़ाते हैं तो उसमें धर्म या जाति नहीं देखते। कुछ ऐसा ही मदद का हाथ फ्रेंड्स क्लब के सदस्यों ने समाज के लिए बढ़ाया। इस क्लब में हालांकि मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग ज्यादा है, लेकिन मदद करते वक्त वे जाति-धर्म से उपर उठकर केवल इंसान बनकर एक दूसरे की मदद करते हैं। सात साल पहले बने इस क्लब के जरिए सदस्यों ने समाजसेवा के कई कार्य किए,लेकिन कोविड के दौरान लोगों की टूटती सांसों से खत्म होती जिंदगियों को देख उन सब ने मिलकर सांसों के लिए मदद करने की ठानी। बस क्या था ग्रुप एडमिन ए हैदर और परवेश अशरफ ने एक मैसेज डाला और कुछ मिनट में ही सदस्यों ने 9 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीन खरीदने पैसे जुटा लिए। पिछले महीने शुरू हुई इस ऑक्सीजन बैंक (oxygen bank in Bhilai) की सेवा से अब तक 70 से ज्यादा लोगों की उखड़ती सांसों को प्राणवायु मिल गई।

लोगोंकी कर रहे मदद
ग्रुप एडमिन ए हैदर बताते हैं कि यह वक्त किसी के समाज या समुदाय को देखकर मदद करने का नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति को सहायता करना है, जिसे मदद की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि पत्रिका ने भी महामारी से महामुकाबला जैसे अभियान की शुरुआत कर समाज और संस्थाओं को जोडऩे का काम कर रहा है, और इस अभियान में फ्रेंड्स क्लब भी पत्रिका के संग कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।

फीस से लेकर शादी तक मदद
ए हैदर, परवेज अशरफ और मो हन्नान ने बताया कि उनका ग्रुप होनहार गरीब बच्चों की स्कूल फीस से लेकर गरीब बेटियों की शादी तक का इंतजाम करता है। इसके साथ ही ब्लड बैंक में लगातार ब्लड डोनेट कर वे मानवता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस ईद में भी उन सभी ने घर में नए कपड़े या दूसरी चीजों में खर्च करने की बजाए जरूरतमंदों की मदद करने का मन बनाया और वे सभी इस नेक कार्य में लगे हुए हैं। उनका मानना है कि अल्लाह को खुश करना है तो जरूरतमंदों की मदद कर दुआ लेनी चाहिए, क्योंकि अपनी खुशियों से ज्यादा जो लोग दूसरों की खुशियों की परवाह करते हैं, अल्लाह खुद उन पर मेहरबना होता है।

Published on:
15 May 2021 05:44 pm