बीमारों के प्रति संवेदना ऐसी कि रोजाना ड्यूटी के बाद वह अपने खर्च से डेंगू से बचाव और सावधानी का पाम्पलेट छपवाकर लोगों में बांटता फिरता है।
दाक्षी साहू @भिलाई. 15 मौत और दो हजार से ज्यादा मरीजों के बीच ट्विनसिटी में बेकाबू हो चुके डेंगू के डंक को मानने से जब जवाबदारों ने मुंह मोड़ लिया, तब इसी सिस्टम का हिस्सा बनकर भिलाई का एक युवा फार्मासिस्ट अतुल शुक्ला सरकारी ड्यूटी के बाद लोगों की जिंदगी बचाने में जुटा रहा। डेंगू का संक्रमण देखते हुए भी साथी कर्मचारी, लोगों की जिंदगी आफत में डालकर हड़ताल पर चले गए। उस वक्त अतुल को हड़ताल नागवार गुजरा।
मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए वह घर-घर जाकर कूलर का पानी खाली करवाने में जुटा रहा। बीमारों के प्रति संवेदना ऐसी कि रोजाना ड्यूटी के बाद वह अपने खर्च से डेंगू से बचाव और सावधानी का पाम्पलेट छपवाकर लोगों में बांटता फिरता है।
रोज दो घरों की सफाई का संकल्प
डेंगू से हारती जिंदगी को बचाने का जुनून अतुल पर इस कदर सवार है कि उसने 21 जुलाई से रोज दो लोगों के घर जाकर उन्हें जागरूक करने और उनके घर की सफाई करने का संकल्प लिया है। यह क्रम निरंतर जारी है। इसी का परिणाम है कि वक्त रहते उसने लगभग 50 घरों से डेंगू का लार्वा स्वयं नष्ट किया। अब तक पांच सौ से अधिक डेंगू संक्रमित लोगों के घर में दस्तक दे चुका है। जब पत्रिका ने जानना चाहा तो मुस्कुराकर ये युवा कहता है कि मानवता जिंदा है। बस उसे जी-कर दिखाना है।
समय रहे दो दर्जन डेंगू मरीजों को पहुंचाया अस्पताल
डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाकर अतुल दो दर्जन से ज्यादा डेंगू मरीजों को अब तक अस्पताल पहुंचा चुका है। समय रहते उपचार से सभी मरीज स्वस्थ होकर धीरे-धीर घर जा रहे हैं। सोशल मीडिया फेसबुक और वाटï्सअप के जरिए भी उसने डेंगू से जिंदगी बचाने जंग छेड़ रखा है। जिससे जुड़कर कई युवा, पीडि़तों की मदद के लिए सामने आ रहे हैं।
सिटीजन डॉक्टर एप में साझा करें डेंगू मरीज की जानकारी
मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चलित वाहन में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मी अतुल ने बताया कि सिटीजन डॉक्टर एप में डेंगू मरीज की जानकारी साझा कर कई जिंदगी चुटकी में बचा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस एप में मरीज की जानकारी डालते ही लोकेशन ट्रेस करके वह और उसके साथी तुरंत संक्रमित घर में जाकर लार्वा नष्ट करते हैं। इस एप के जरिए कोई भी आम व्यक्ति डेंगू पीडि़त मरीज की जानकारी दे सकता है। पूर्व स्वास्थ्य सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के मागदर्शन में काम करते हुए युवा स्वास्थ्यकर्मी लोगों को संदेश देते हुए कहता है कि सावधानी ही किसी बीमारी का सबसे बड़ा बचाव है।