Bhilai News:विश्वविद्यालय अब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। छात्रों को पास किया जाएगा या परीक्षा निरस्त होगी, यह फैसला परीक्षा समिति की बैठक में लिया जाएगा।
Bhilai News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 27 जनवरी को आयोजित ‘इंग्लिश लीगल लैंग्वेज एंड राइटिंग’ के पेपर में छात्रों को उत्तर अंग्रेजी में लिखना था, लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने उत्तर हिंदी में लिख दिए। करीब 350 परीक्षार्थियों में से कई ने प्रश्नों के उत्तर हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखे, जबकि लगभग 28 छात्रों ने पूरा पेपर ही हिंदी में हल किया।
परीक्षा समाप्त हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय अब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। छात्रों को पास किया जाएगा या परीक्षा निरस्त होगी, यह फैसला परीक्षा समिति की बैठक में लिया जाएगा।
विवि ने 16 अप्रैल को एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के आवेदन की अधिसूचना जारी कर दी, जबकि प्रथम सेमेस्टर का परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। ऐसे में कई एलएलबी छात्र आवेदन से वंचित रह गए। इधर, विवि ने 4 मई से 10 अंकों के इंटरनल एग्जाम भी प्रस्तावित कर दिए हैं, जिससे छात्रों की चिंता और बढ़ गई है।
छात्र राहुल कुमावत का कहना है कि परीक्षा से पहले फैकल्टी और प्राचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पेपर हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है। छात्रों ने उसी आधार पर उत्तर लिखे। अब विवि केवल अंग्रेजी में उत्तर लिखने की बात कह रहा है, जिससे छात्र असमंजस में हैं। उनका कहना है कि यदि पहले सही निर्देश दिए जाते, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
90 अंकों के प्रश्नपत्र में पैसिव वॉइस, सेंटेंस राइटिंग, प्लुरल, कानूनी शब्दों पर शॉर्ट नोट, संक्षिप्त रूपों की व्याख्या, हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद और लीगल ड्राफ्टिंग (नोटिस, कंप्लेंट, विल, एफिडेविट आदि) से जुड़े प्रश्न शामिल थे। सभी उत्तर अंग्रेजी में अपेक्षित थे।
एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के इंग्लिश पेपर में कई छात्रों ने हिंदी में उत्तर लिखे हैं। मामला परीक्षा समिति के पास है। निर्णय के बाद ही रिजल्ट जारी होगा। आवेदन तिथि बढ़ाई जाएगी।
-भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव, हेमचंद यादव विवि