रामनवमीं पर इस बार न तो शौर्य प्रदर्शन होगा और न ही युवा अखाड़ों का प्रदर्शन कर पाएंगे,लेकिन श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने रामभक्तों ने घर पर ही तैयारी कर ली है।
भिलाई. रामनवमीं पर इस बार न तो शौर्य प्रदर्शन होगा और न ही युवा अखाड़ों का प्रदर्शन कर पाएंगे,लेकिन श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने रामभक्तों ने घर पर ही तैयारी कर ली है। इस बार घर पर रहकर रामभक्त रामभजन के साथ सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। श्रीरामजन्मोत्सव समिति के प्रांतीय महामंत्री बुद्धन ठाकुर ने बताया कि राम जन्मोत्सव के उत्साह पर कोई असर नहीं होगा,लेकिन बस फर्क यह होगा कि यह उत्साह लोग घर के भीतर रहकर दिखाएंगे। क्योंकि हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। उन्होंने प्रदेश की सभी 11 सौ समितियों से आह्वान किया है कि वे सभी सदस्यों को गुरुवार की शाम साढ़े 7 बजे श्रीरामनवमीं पर घर आंगन में दीप जलाएं।
घर पर रहकर उत्सव
सेक्टर 2 के पार्षद जे श्रीनिवास ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान वार्डवासियों को उन्होंने घर पर ही दीप जलाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वे रोजाना कोरोना वायरस के लॉक डाउन को फॉलो करने रोजाना खुद माइक लेकर लगातार आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार हमें संयम दिखाकर घर पर रहकर ही अपने आराध्या की आराधना करनी है। उन्होंने कहा कि लोग अपने-अपने घरों में रहकर शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि हनुमानजी संकटमोचन है और वे ही इस कोरोना वायरस के संकट से हम सभी को उबारेंगे।
हनुमान जयंती पर भी असर
रामनवमीं के साथ-साथ हनुमान जयंती पर भी लॉक डाउन का असर होगा। 8 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन भी लोग घर पर रहकर हनुमान जी की पूजा-अर्चना करेंगे। शहर में हर बार रामनवमीं और हनुमान जयंती पर शोभायात्रा के साथ ही जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया जाता था,लेकिन इस बार घर पर ही सबकुछ करना होगा। मंदिरों के भी पट बंद होंगे और पूजारी अकेले ही उनका अभिषेक, पूजा-अर्चना करेंगे।