भिलाई.सेक्टर 8 निवासी एलसी कश्यप के खजाने में ऐसे पुराने बर्तन है जो कभी राजा-महाराजाओं के किचन की शान हुआ करते थे। इतना ही नहीं अलग-अलग राज्यों में उपयोग होने वाले पारंपरिक बर्तन भी इनके पास आसानी से मिल जाएंगे। सोमवार को विश्व धरोहर दिवस पर कश्यप ने अपने खजाने से कुछ अनमोल बर्तनों की एकल प्रदर्शनी लगाई। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद के एक म्यूजियम में पुराने बर्तनों को देखने के बाद उन्हें संग्रह का विचार आया।
संग्रह में यह है शामिल
सन 2000 से उन्होंने बर्तनों के संग्रहण की शुररुआत की। इसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कांसे के बर्तनों के साथ ही अष्टधातु के कलश, कटेरी सेट, पानदान, टी सेट, कश्मीरी समावार, ज्वेलरी बॉक्स, लीकर बॉटल आदि अपने संग्रह में शामिल किए। विश्व धरोहर दिवस पर जलकंठेश्वर मंदिर में प्रदर्शनी लगाकर उन्होंने विश्व धरोहर दिवस सेलिब्रेट किया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उनके पास विभिन्न तरह के सरोते, चुनेदानी, पानदानी, घडिय़ां, पुराने सिक्के और कई तरह की यूनिक चीजें भी है। वे हर वर्ष विश्व घरोहर दिवस पर अलग-अलग चीजों की प्रदर्शनी लगाते हैं।
नवाब परिवार से मिले इस्लामिक बर्तन
एलसी कश्यप ने बताया कि उन्होंने यह सारा सामान बड़े साहूकार, मालगुजार परिवार से प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि वहीं एक टी सेट पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के परिवार से लिए।जबकि खुज्जी के नवाब परिवार से इस्लामिक बर्तन जैसे अफगानी जग, पानदान, गुलाबपाश, पीकदान का संग्रह किया।