
भिलाई. छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश राज्य की राजधानियों को जोडऩे वाली महत्वपूर्ण अमरकंटक एक्सप्रेस 894 किलोमीटर की दूरी को 12 घंटे में पूरी कर लेता है। 29 स्टेशनों पर स्टापेज दिया जाता है। इस वजह से यह एक्सप्रेस यात्रियों के लिए काफी लोकप्रिय है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार हर दिन इस एक्सप्रेस में 2100-2200 यात्री सुरक्षित सफर करते हैं।
यह गाड़ी 1986 से अपना सफर शुरू
इस गाड़ी में जनरल श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी के कोच हैं। इस गाड़ी की रखरखाव रायपुर रेल मंडल के कोचिंग डिपो दुर्ग से किया जा रहा है। पहले यह गाड़ी 1986 से अपना सफर शुरू किया था। 953/954 के नाम से सप्ताह में 3 दिन चलती थी। जिसे 1988 के रेल बजट में 4 दिन किया गया। जो 2005 तक चला। 2005 के रेल बजट में इसे प्रतिदिन किया गया। तब तक इस गाड़ी का सफर एक्सप्रेस के रूप में था। जिसे 2006 में सुपर फास्ट ट्रेन का दर्जा मिल गया।
मॉडल एक्सप्रेस में हाउस कीपिंग
रेलवे के पीआरओ शिव प्रसाद का कहना है इस एक्सप्रेस के साज-सज्जा में बदलाव कर मॉडल बनाया गया है। पेटिंग्स के माध्यम से बाहरी स्वरूप को सुंदर व आकर्षक बनाया गया है। अलग-अलग रंगों वाले एसी और नॉन एसी कोच के प्रत्येक शौचालय में एपॉक्सी फ्लोरिंग एवं सजावटी ग्लास फैब्रिक प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है। उन्नत एवं बड़े आकार के मिरर, वाश बेसिन काउंटर टॉप एवं बेहतर एलईडी प्रकाश व्यवस्था की गई हैै। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के पर्यटन पोस्टर, राष्ट्रीय झंडे और स्वच्छता से संबन्धित कई पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग की व्यवस्था की गई है।