चूड़ी लाइन निवासी कमलदेव सिंह (68 वर्ष) ने अपनी जायदाद वापस दिलवाने के लिए एसडीएम न्यायालय में गुहार लगाई है।
दुर्ग. चूड़ी लाइन निवासी कमलदेव सिंह (68 वर्ष) ने अपनी जायदाद वापस दिलवाने के लिए एसडीएम न्यायालय में गुहार लगाई है। एसडीएम न्यायालय में सौंपे परिवाद में कमलदेव ने आरोप लगाया है कि उसके पांच बेटों ने उसकी पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। अब वह बेघर हो गया है। एसडीएम ने परिवाद को सुनवाई के लिए मंजूर कर उनके बेटों सपन सिंह,राकेश सिंह, राजा सिंह, सोनू सिंह और अभिषेक सिंह को नोटिस जारी किया है। एसडीएम उनके बेटों का पक्ष सुनेगा। सुनवाई ९ सितंबर को होगी।
आटा चक्की से जीवन की शुरूआत की और रेस्टारेंट का मालिक बना
कमलदेव सिंह एसडीएम न्यायालय में पेश परिवाद में बताया है कि 1968 से उन्होंने आटा चक्की से जीवन की शुरूआत की। धीरे-धीरे मेहनत कर वह आगे बढ़ा और सुपेला में कुछ वर्ष पहले ही महावीर थाली रेस्टारेट शुरू किया। धंधा चल निकला। इसी बीच परिवार में कलह शुरू हुई। पांच बेटों ने धीरे धीरे उसे संपत्ति से बेदखल करना शुरू किया। सबसे पहले उसकी कार पर कब्जा किया और उसे बेघर कर दिया।
कभी रिश्तेदार के यहां, तो कभी फुटपाथ पर दिन गुजार रहा
मामला समझ में आते ही वह महावीर थाली में ही रहना शुरू किया। काम खत्म होने के बाद वह रेस्टारेंट के एक किनारे बिस्तर लगाकर सो जाता। जैसे तैसे वह दिन काट रहा था। उसके बेटे वहां भी पहुंच गए और महावीर थाली रेस्टारेंट में कब्जा कर उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। स्थिति ऐसी है कि कमलदेव कभी अपने रिश्तेदार के यहां रुक जाता है, तो कभी फुटपाथ पर दिन गुजारता है।
बैंक का कर्ज चुकाना है, इसलिए वापस चहिए जायदाद
कमलदेव सिंह का कहना है कि महावीर थाली को शुरू करने लोन लिया है। लोन का कुछ किश्त उसने जमा किया। वर्तमान में लोन का किश्त कई माह से जमा नहीं हुई है। बैंक ने उसे नोटिस जारी किया है। वह अपनी संपत्ति बेटों से वापस लेकर नए सिरे से जीवन शुरू करना चाहता है।
पत्नी ने डर से घर नहीं छोड़ी
पीडि़त वृद्ध का कहना है कि उसकी पत्नी अभी जिंदा है। उसका हाल देख वह घर के एक कोने दुबकी रहती है। वैसे भी उसके पास छत नहीं है ऐसी स्थिति में वह पत्नी को कहां रखेगा।