भिलाई

घोर कलियुग : मंदिर से हनुमान जी की वजनी मूर्ति चोरी, पढि़ए पूरी खबर

खैरागढ़ ब्लाक के पांडादाह स्थित जगन्नाथ परिसर के सामने हनुमान मंदिर से अज्ञात चोरों ने बीती रात्रि भगवान हनुमान जी की मूर्ति चोरी कर फरार हो गए।

2 min read
Apr 11, 2018

राजनांदगांव. जिले के खैरागढ़ ब्लाक के पांडादाह स्थित जगन्नाथ परिसर के सामने बने हनुमानमंदिर से अज्ञात चोरों ने बीती रात्रि भगवान हनुमान जी की मूर्ति चोरी कर फरार हो गए। सुबह मंदिर का दरवाजा खुला देखकर घटना की जानकारी हुई। विगत 38 साल से स्थापित भगवान हनुमान की मूर्ति मंदिर से गायब थी।
आनन-फानन में इसकी जानकारी सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई। घटना से पांडादाह वासियों में नाराजगी और आक्रोश है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची खैरागढ़ पुलिस विवेचना में जुटी है।

बड़ी सफाई से घटना को अंजाम दिया
पुलिस इस मामले में ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, लेकिन किसी भी प्रकार की रात में संदिग्ध गतिविधियां सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया गया कि मंदिर परिसर के आसपास के लोग रोजाना देर रात तक जागते रहते हैं। चोरों ने बड़ी चतुराई व सफाई से घटना को अंजाम दिया है।

ये भी पढ़ें

सरकार की जय हो: टीआई और महिला आरक्षक के खिलाफ वारंट जारी, पढ़ें खबर

पहले भी मूर्ति तोडऩे की घटना हो चुकी
बता दें कि पांडादाह इलाके में साल्हेवारा बांध के पास बने हनुमान मंदिर की मूर्ति अज्ञात लोगों द्वारा तोड़े जाने के मामले में लोगों में काफी आक्रोश फैला था। लोगों के आक्रोश और जनप्रतिनिधियों की समझाइश पर मामला शांत तो हो गया। नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी कर दी गई, लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई। अब पांडादाह के बस्ती के भीतर से हनुमान की प्रतिमा चोरी होने से फिर लोगों में नाराजगी और पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
बताया गया है कि मंदिर परिसर में पहुंचे चोरों ने चोरी के पहल चावल बंदन चढ़ाकर पूजा-अर्चना और प्रसाद भी चढ़ाए थे। चोरों ने केवल हनुमान जी की मूर्ति को ही निशाना बनाया, मंदिर के शेष सामान सुरक्षित एवं मंदिर में ही है।

एक से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने की आशंका
खैरागढ़ थाने के एसआई आलोक साहू ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार मूर्ति काफी वजनी थी। एक व्यक्ति भगवान की मूॢत को उठा नहीं सकता। इससे चोरों की संख्या एक से अधिक होने का अनुमान है। गांव के आसपास के तालाबों नदियों के किनारों सहित अन्य इलाकों में भी मूर्ति की खोज की गई, लेकिन नहीं मिली।

ये भी पढ़ें

कांग्रेस के दुर्ग को ढहाकर भाजपा का किला बनाने वाले हेमचंद यादव नहीं रहे, पढि़ए पूरी खबर
Published on:
11 Apr 2018 11:45 pm
Also Read
View All