
दुर्ग . पॉक्सो एक्ट केदो अलग-अलग प्रकरण में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के बाद गवाही के लिए उपिस्थत नहीं होने वाले टीआई एमपी टंडन के खिलाफ न्यायालय ने 500 रुपए का जमानती वारंट जारी किया है। वहीं एक महिला प्रधान आरक्षक मंगला गुप्ता को अनिवार्य रुप से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए समंस जारी किया गया है। दोनों विवेचक लंबे समय से सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
8 मई 2018 को उपस्थित होने के आदेश
विशेष न्यायाधीश हरीश कुमार अवस्थी ने टीआई टंडन के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए 8 मई 2018 को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि विचाराधीन प्रकरणों में गवाही साक्ष्य की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। केवल आयु बयान ही शेष है। ऐसी स्थिति में विवेचना अधिकारी का अनुपस्थित रहना लापरवाही है। जबकि सुनवाई तिथि विवेचना अधिकारियों से पूछने के बाद नियत की गई थी।
जाने दो प्रकरणों को जिसकी विवेचना टीआई ने की
1-मोहन नगर थाना में दुष्कर्म व आइटी एक्ट के तहत हिमंाशु बंजारे के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। आरोपी ने दो मई २०१३ से २३ जून २०१४ तक उसके साथ दुष्कर्म किया। फोटो भी खींची। किसी को बताने पर फोटो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी थी।
2- नेवई थाना में १०वीं की छात्रा ने शिकायत की थी कि छह मार्च २०१४ को होली के दिन पड़ोसी खेमराज साहू ने अश्लील हरकत की थी। आरोपी शराब की नशे में था। आरोपी के इस व्यवहार को देख वह घर लौट गई थी। बाद में थाने में शिकायत की।
एसपी के माध्यम से समंस तामिल कराने का आदेश
भिलाई-तीन की एक महिला ने शिकायत की थी कि उसकी नौ साल की बेटी के साथ आरोपी कुशाल उर्फ वांटेड ने दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले की जांच महिला प्रधान आरक्षक मंगला गुप्ता ने की थी। न्यायाधीश ने मंगला गुप्ता के खिलाफ समंस जारी करते हुए एसपी के माध्यम से तामिल करने का आदेश दिया है।
Published on:
11 Apr 2018 11:05 pm
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