भिलाई

Bhilai News: यूजर चार्ज में ‘फ्लोर’ का खेल? राजपत्र के प्रावधानों पर विपक्ष ने उठाए सवाल, 5 साल में 90 करोड़ वसूली का दावा

Floor Wise User Charge: भिलाई नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के साथ यूजर चार्ज की वसूली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि राजपत्र में मंजिलवार यूजर चार्ज का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद एक ही मकान की अलग-अलग मंजिलों को जोड़कर शुल्क वसूला जा रहा है।
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Aug 25, 2026
User Charge Collection
भिलाई नगर निगम (photo source- Patrika)

Bhilai News: नगर निगम भिलाई में प्रॉपर्टी टैक्स के साथ यूजर चार्ज की वसूली को लेकर मंगलवार को होने वाली सामान्य सभा में बड़ा सवाल खड़ा होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र में तय प्रावधान से अलग जाकर निगम मकान की मंजिलों को जोडक़र यूजर चार्ज वसूल रहा है।

उनका कहना है कि सात दिसंबर 2017 को प्रकाशित राजपत्र में 500 वर्गफीट तक के मकान से 20 रुपए, 501 से 1000 वर्गफीट तक 30 रुपए और 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल पर 60 रुपए प्रतिमाह यूजर चार्ज निर्धारित है। इसमें यह उल्लेख कहीं नहीं है कि एक ही संपत्ति में ऊपर की मंजिल होने पर प्रत्येक मंजिल का अलग शुल्क लिया जाए।

किसके फैसले से प्रॉपर्टी टैक्स में जुड़ा यूजर चार्ज?

विपक्ष अब यह सवाल भी उठाएगा कि प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के दौरान यूजर चार्ज जोडऩे का निर्णय किस स्तर पर लिया गया। क्या यह फैसला महापौर परिषद (एमआईसी) ने लिया? यदि लिया तो कब? क्या इसे सामान्य सभा के सामने रखा गया था? मंगलवार की सभा में इन सवालों पर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।

पेनल्टी, अधिभार की दोहरी मार का भी मुद्दा

विपक्ष ने प्रॉपर्टी टैक्स में लगने वाले पेनल्टी और 18 फीसद अधिभार पर भी सवाल उठाए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार स्वविवरणी जमा नहीं करने पर 1000 रुपए और समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करने पर 18 फीसद अधिभार का प्रावधान है। विपक्ष का आरोप है कि इससे आम उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।

जमीन का क्षेत्रफल या हर मंजिल? यही सबसे बड़ा सवाल

विपक्ष का दावा है कि निगम केवल संपत्ति के मूल क्षेत्रफल के आधार पर शुल्क लेने के बजाय पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल तक को जोडक़र यूजर चार्ज वसूल रहा है। निगम क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स आईडी हैं। इनमें करीब 30 फीसद लोग समय पर टैक्स जमा करते हैं। विपक्ष के अनुसार यदि केवल जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर शुल्क लिया जाए तो सालाना करीब सात करोड़ रुपए की वसूली होनी चाहिए, जबकि निगम करीब 18 करोड़ रुपए सालाना यूजर चार्ज वसूल रहा है। इस हिसाब से पांच साल में करीब 90 करोड़ रुपए की वसूली का दावा किया गया है।

शिक्षा उपकर से पांच साल में 30 करोड़

यूजर चार्ज के साथ शिक्षा उपकर भी विपक्ष के निशाने पर है। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार निगम भिलाई का अपना स्कूल नहीं होने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स में 2 फीसद शिक्षा उपकर लिया जा रहा है। इससे सालाना करीब छह करोड़ और पांच साल में करीब 30 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। निगम का कहना है कि इस राशि का उपयोग सरकारी स्कूलों में शौचालय, पंखे सहित अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है।

आज सदन में आमने-सामने होंगे सवाल

यूजर चार्ज की वसूली का आधार, ऊपर की मंजिलों से अलग-अलग शुल्क लेने का प्रावधान, प्रॉपर्टी टैक्स में यूजर चार्ज जोडऩे का निर्णय और शिक्षा उपकर के उपयोग से जुड़े सवाल अब सामान्य सभा के एजेंडे में महत्वपूर्ण हो गए हैं। विपक्ष की तैयारी है कि इन मुद्दों पर निगम प्रशासन से जवाब लिया जाए। ऐसे में मंगलवार की सामान्य सभा में यूजर चार्ज की वसूली बनाम राजपत्र के प्रावधान अहम मुद्दों में शामिल रह सकते हैं।

निगम का पक्ष- अधिनियम के तहत हो रही वसूली

तिलेश्वर साहू, जनसंपर्क अधिकारी, नगर निगम के मुताबिक, यूजर चार्ज, पेनल्टी और 18 फीसदी अधिभार नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के अनुसार लिया जा रहा है। शिक्षा उपकर से मिली राशि का उपयोग सरकारी स्कूलों में शौचालय, पंखे और अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है।

Updated on:
25 Aug 2026 01:22 pm
Published on:
25 Aug 2026 01:22 pm