23 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छत्तीसगढ़ के 40 से ज्यादा राशन दुकानों में चावल की कमी, मुख्य सचिव तक पहुंची शिकायत, कार्रवाई की मांग

ration shops: छत्तीसगढ़ की 40 से ज्यादा राशन दुकानों में चावल की कमी का आरोप लगा है। दुकान नंबरों के साथ मुख्य सचिव से शिकायत कर स्टॉक की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Love Sonkar

Aug 23, 2026

CG Ration Shop

राशन दुकानों में चावल की कमी (photo Patrika)

CG Ration Shop: गरीबों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गड़बड़ी के आरोपों ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र की 40 से अधिक उचित मूल्य दुकानों में सरकारी चावल की कमी होने का आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव से शिकायत की गई है। शिकायत में संबंधित दुकानों के नंबर भी दिए गए हैं और स्टॉक की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ राशन दुकानों से सरकारी चावल की बड़ी मात्रा में हेराफेरी कर उसे राइस मिलों तक पहुंचाया जा रहा है। कई दुकानें कथित तौर पर ऐसी संस्थाओं के नाम से संचालित हो रही हैं, जिनके पीछे एक ही समूह या व्यक्तियों का नियंत्रण है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इन दुकानों के स्टॉक की जांच की मांग

शिकायत में दुकान क्रमांक 431004064, 4070, 4054, 4058, 8013, 4248, 4232, 4116, 4249, 4252, 4250, 4118, 4108, 4195, 4245, 4190, 1003, 1006, 1073, 1077, 1067, 1029, 1051, 1065, 4192, 4220, 4221, 4150, 4211, 4189, 4061, 4094 समेत अन्य दुकानों में स्टॉक की जांच कराने की मांग की गई है। सूची में कुछ दुकान नंबर दोहराए भी गए हैं, इसलिए विभागीय स्तर पर सूची का सत्यापन जरूरी है।

3.5 लाख से ज्यादा कार्डधारी, फिर भी स्टॉक पर सवाल

दुर्ग शहर में 74, ग्रामीण क्षेत्र में 73 और भिलाई शहर में 214 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। शिकायत के मुताबिक भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में लाखों हितग्राही पीडीएस व्यवस्था पर निर्भर हैं। ऐसे में दुकानों में चावल की कमी का सीधा असर जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है। शिकायत में कहा गया है कि खुर्सीपार, कैंप, सुपेला, वैशाली नगर, रिसाली सहित ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी चावल की कथित हेराफेरी का नेटवर्क फैला हुआ है। आरोप है कि दुकानों के स्टॉक और वास्तविक वितरण का मिलान किया जाए तो बड़े पैमाने पर अंतर सामने आ सकता है।

चावल से भरी गाड़ी पकड़ी, जांच पर भी उठे सवाल

शिकायत में कुछ माह पहले सुपेला थाना क्षेत्र में चावल से भरी एक गाड़ी पकड़े जाने का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने वाहन को थाने लाकर खाद्य विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने चावल के नमूने लिए। शिकायत के अनुसार नमूने में फोर्टिफाइड चावल मिला था और आगे की जांच के लिए मामला संबंधित विभाग को भेजा गया। शिकायतकर्ता ने इस प्रकरण में भी कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वहीं खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और जिला दंडाधिकारी न्यायालय में भी प्रकरण विचाराधीन है।

जहां कमी मिली वहां कार्रवाई हुई

पहले भी शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच कराई गई थी। जांच में कई दुकानों का राशन स्टॉक सही मिला था, जबकि जिन दुकानों में कमी पाई गई, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। नई शिकायत की भी जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

अनुराग भदोरिया,फूड कंट्रोलर, दुर्ग