भिलाई

रात में भटकते युवाओं को देखा तो क्षत्रिय समाज ने खोले भवन के दरवाजे, पढ़ें खबर

मिनी इंडिया भिलाई में क्षत्रिय समाज अपनी सामाजिक जिम्मेदारी कुछ अलग ढंग से निभा कर दूसरे समाज के लिए भी मिसाल पेश किया है।

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May 10, 2018

भिलाई. मिनी इंडिया भिलाई में क्षत्रिय समाज अपनी सामाजिक जिम्मेदारी कुछ अलग ढंग से निभा कर दूसरे समाज के लिए भी मिसाल पेश किया है। शहर में चल रही पुलिस भर्ती में दूर-दराज से आने वाले उम्मीदवारों के लिए नि:शुल्क ठहरने की व्यवस्था की है, ताकि रात किसी पेड़ के नीचे या फुटपाथ पर ना गुजारनी पड़े। समाज के पदाधिकारियों ने भर्ती शुरू होने के पहले ही जिले के पुलिस अक्षीक्षक डॉ संजीव शुक्ला से मिलकर यह प्रस्ताव रखा था। समाज की इस नेक पहल का पुलिस ने भी स्वागत किया और भर्ती स्थल पर नोटिस चस्पा कर एवं एनाउंसमेंट करा युवाओं को जानकारी दी जा रही हैं ताकि उन्हें ठहरने में दिक्कत ना हो।

123 पदों के लिए 19 मई तक भर्ती
पुलिस प्रशासन विभाग की ओर से आरक्षक, ड्रायवर, डाग रनर और खलासी के कुल 123 पदों के लिए भर्ती हो रही है। 123 पदों के लिए लगभग 10 हजार लोगों ने आवेदन किया है। यह भर्ती प्रक्रिया सात मई से शुरू हो गई है और 19 मई तक चलेगी।

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ताकि ना हो परेशान

क्षत्रिय कल्याण महासभा के सचिव अरविंद सिंह ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा के लिए युवाओं को जब दूसरे शहर में सेंटर मिलता है तो सबसे बड़ी दिक्कत ठहरने की होती है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, फुटपाथ और पेड़ के नीचे जिसे जहां जगह मिलती है वह वहां ठहर जाता है। कई बार उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में क्षत्रिय समाज ने यह पहल की। उन्होंने बताया कि सेक्टर 7 स्थित महाराणा प्रपात भवन में पिछले तीन-चार दिनों से आधा सैकड़ा युवा आकर रात में ठहर रहे हैं। पुरुषों के लिए हॉल में व्यवस्था की गई है जबकि युवतियों के लिए अलग से रूम भी तैयार है। हालांकि अभी युवतियां तो नहीं आई पर लड़के जरूर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्हें अपना प्रवेश पत्र दिखाना होता है जिसके आधार पर उन्हें भवन में रुकने दिया जा रहा है।

संवेदना जरूरी

समाज के अध्यक्ष दिग्विजय बहादुर सिंह ने कहा कि हमें सभी के लिए संवेदना रखनी चाहिए। रोजगार पाने की उम्मीद में दूर-दराज से आए युवा भटकते हैं। उनकी तकलीफ अलग ही होती है। कई ऐसे परिवार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे जो होटल में कमरे नहीं ले सकते। ऐसे में उनके प्रति हम सभी को संवेदना रखनी चाहिए। समाज ने कुछ ऐसी ही सोच के साथ यह पहल की। इसमें समाज के पदाधिकारी बद्रीविशाल सिंह, उमेश सिंह, यशवंत सिंह, रविशंकर सिंह, गजेन्द्र प्रसाद सिंह आदि ने भी इस पहल में उनका साथ दिया।

मिली अच्छी सुविधा

यहां ठहरे राकेश, संतोष, उमेश युवाओं ने बताया कि अनजान शहर में ठहरने के लिए जगह मिल जाए यही उनके लिए काफी है। इस भवन में उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही है। हॉल में सोने से लेकर लेट-बाथ जैसी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही है।

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Published on:
10 May 2018 09:37 pm
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