भिलाई

Bhilai News: मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की मौत, वन विभाग के अधिकारियों ने की पुष्टि

Bhilai News: पेट में इंफेक्शन होने की वजह से उसकी मौत हुई है।दरअसल, मैत्री बाग देश में सफेद बाघों के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है।
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Dec 01, 2025
Bhilai News: भिलाई मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की मौत, वन विभाग के अधिकारियों ने की पुष्टि
भिलाई मैत्री बाग (Photo Patrika)

Bhilai News: भिलाई स्थित मैत्री बाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ मादा सफेद बाघ की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बाघ का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस बाघ का नाम जया था। उसे रायपुर के नंदन वन से एक्सचेंज कर मैत्री बाग लाया गया था। इसकी पुष्टि वन विभाग के अधिकारियों ने की है।

पेट में इंफेक्शन होने की वजह से मौत

अधिकारियों के मुताबिक जया कल तक बिल्कुल ठीक थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार उसके पेट में इंफेक्शन होने की वजह से उसकी मौत हुई है।दरअसल, मैत्री बाग देश में सफेद बाघों के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है।

1990 में नंदन कानन से जोड़ा लाया गया

1990 में नंदन कानन से यहां पहला सफेद बाघ जोड़ा लाया गया था। तब से लेकर अब तक कुल 19 सफेद बाघों का जन्म इसी जू में हुआ है। इनमें से 13 को राजकोट, कानपुर, बोकारो, इंदौर, मुकुंदपुर और रायपुर सहित छह राज्यों में भेजा जा चुका है। जया की मौत के बाद अब यहां 5 सफेद बाघ मौजूद हैं। देश में सफेद बाघों की कुल संख्या लगभग 160 आंकी जाती है, जिनमें से 19 अकेले मैत्री बाग की देन हैं।

हर साल आते हैं 12 लाख पर्यटक

मैत्री बाग में हर साल लगभग 12 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। छुट्टियों और त्योहारों के दिनों में यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसके बावजूद यहां होने वाला खर्च आय से कई गुना अधिक है। जू के संचालन में कुल 50 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें नियमित और ठेका कर्मचारी शामिल हैं। बीएसपी प्रबंधन हर साल करीब 4 करोड़ रुपए खर्च करता है, जबकि 20 रुपए प्रति टिकट के हिसाब से कुल आय सिर्फ 1.5 करोड़ रुपए होती है।

Updated on:
01 Dec 2025 03:56 pm
Published on:
01 Dec 2025 03:56 pm