बीएसपी एंप्लाइज को-ऑपरेटिव सोसाइटी में कथित अनियमितता के खिलाफ राठी परिवार के सदस्य तीसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
भिलाई. बीएसपी एंप्लाइज को-ऑपरेटिव सोसाइटी में कथित अनियमितता के खिलाफ राठी परिवार के सदस्य तीसरे दिन बुधवार को भी पॉवर हाउस पेट्रोल पंप के सामने भूख हड़ताल पर बैठे रहे। रजिस्ट्रार फम्र्स सोसाइटी एवं संस्थाएं से सोसाइटी का निष्पक्ष चुनाव कराने, पेट्रोल पंप के संचालन में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने और सोसाइटी के शेयर होल्डर्स को लाभांश दिलाने की मांग कर रहे हैं।
बीएसपी एम्प्लाइज को-ऑपरेटिव सोसाइटी वर्ष 1957 से चल रही
बीएसपी एम्प्लाइज को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्य कुलदीप राठी का कहना है कि सोसाइटी काफी पुरानी है। यह सोसाइटी वर्ष 1957 से चल रही है। सोसाइटी के अधीन दो पेट्रोल पंप पावर हाउस में, एक कॅाफी हाउस और ग्राम अंजोरा में दो एकड़ कृषि जमीन है। यहां से सोसायटी को आय प्राप्त होती है। आश्चर्यजनक पहलु यह है कि सोसाइटी का संचालन कर रहे कुछ गिने हुए लोगों ने सोसाइटी में एकाधिकार कर लिया है और 10 सालों से किसी भी शेयर होल्डर्स को लाभांश नहीं दिया है। उनका कहना है कि पहले सोसाइटी में 1500 से अधिक शेयर होल्डर्स थे। इसी एकाधिकार के चलते अब शेयर होल्डर्स की संख्या घटकर 1100 हो गई हैं।
संचालन के लिए प्रशासक
कई सदस्य निर्धारित समय पर सोसाइटी की कार्यकारिणी का चुनाव मांग करते रहे। वर्तमान में एकाधिकार वाले लोग ों ने चुनाव कराया है और न ही सदस्यों को आज-तक का हिसाब भी दिया है। इसी गड़बड़ी एवं एकाधिकार के चलते सोसायटी के संचालन के लिए शासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और संचालन के लिए प्रशासक बैठा दिया है। बताया जाता है कि अब प्रशासक ने भी सदस्यों को किनारा कर अपनी मनमर्जी चला रहा है।
स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले गए अस्पताल
दिनभर आंदोलन करने के बाद शाम को पुलिस परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठे कुलदीप सिंह राठी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने जिला चिकित्सालय ले गई। कुलदीप अपनी पत्नी मनीषा सिंह राठी, पिता एनके राठी और दो बेटों के साथ अनशन पर बैठे हैं। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच एवं किसान नेता राजकुमार गुप्ता, देव वर्मा और राधारानी निषाद ने भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचकर उनके आंदोलन का समर्थन किया है।
एडीएम से चर्चा विफल
कड़ाके की ठंड में परिवार सहित भूख हड़ताल पर बैठे कुलदीप सिंह को मनाने एडीएम संजय अग्रवाल पावर हाउस पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलन खत्म करने के संबंध में चर्चा की और अनशन तोडऩे जूस पिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब-तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब-तक अनशन जारी रखने की जिद पर वे अडिग है।