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हमारी एक दिन की कलेक्टर बिटिया ने दिया ऐसा सुझाव, जिसे सुनकर दुर्ग कलेक्टर भी रह गए हैरान

पांच घंटे में वंदना ने कलेक्टर की जिम्मेदारियों को समझा यह भी जाना कि जिले के मुखिया होने के नाते उन्होंने किस तरह काम किया।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jan 10, 2018

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भिलाई. जय हिन्द के अभिवादन के साथ जब वंदना ने सभी अधिकारियों से मुलाकात की तो कुछ घंटे के लिए ही सही पर उसे सभी ने यह अहसास कराया कि उसका रुतबा कलेक्टर से कम नहीं है। युवा स्पार्क योजना के तहत पूरे देश में यह पहला मौका था जब प्रदेश के सभी जिले में युवाओं ने छाया कलेक्टर के रूप में काम किया।

सुबह ठीक साढ़े १० बजे कलक्टोरेट पहुंची वंदना उत्साह से सराबोर तो थीं पर दिमाग में यह बात भी थी कि उस स्वर्णिम मौके पर वे कलेक्टर के सामने अपनी उन बातों को अच्छी तरह रख पाए जो आगे चलकर किसी योजना का रूप ले सकें और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने उनसे जब फीडबैक लिया तो उसने कई बुनियादी सुविधाओं के साथ ही गृहणियों के लिए अद्र्धांगिनी प्रोत्साहन योजना शुरू करने का प्रस्ताव दिया। पांच घंटे में वंदना ने कलेक्टर की जिम्मेदारियों को समझा यह भी जाना कि जिले के मुखिया होने के नाते उन्होंने किस तरह काम किया।

शासन की योजनाएं अच्छी
इस कार्यक्रम की जानकारी पहले ही जिलाधीश ने अधिकारियों को दी थी, इसलिए वंदना के वहां पहुंचते ही अधिकारियों ने उसका खूब स्वागत किया और प्रोत्साहित भी किया। वंदना ने बताया कि जनदर्शन में जहां उसने कलेक्टर के बुजुर्गो और दिव्यांगों के प्रति संवेदनशील व्यक्तित्व को देखा तो लोकसुराज की बैठक में एक अच्छे प्रशासक के रूप में पाया।

उसने कहा कि शासन की योजनाओं में खासकर बेटियों के लिए सरस्वती साइकिल योजना सबसे ज्यादा अच्छी लगी। जिसकी वजह से बेटियां हाई और हायर सेकंडरी तक की पढ़ाई से कर पा रही हैं। वंदना ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी गरीब बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है।

वंदना ने बताया कि अगर वह कलेक्टर होती तो बच्चों के लिए बेहतर प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने और अच्छी योजनाएं लातीं। जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर हो जाता। साथ ही गृहणियों के लिए वह अद्र्धांगिनी प्रोत्साहन योजना लागू करती ताकि महिलाओं के हुनर को बेहतर मंच मिले और उनकी भी अपनी अलग पहचान हो। वंदना ने इस योजना का प्रस्ताव दुर्ग कलेक्टर को भी दिया है और उन्होंने भी इसे शासन स्तर पर भेजने का वादा भी किया है।

युवा है जिले की ताकत- शेडो कलेक्टर के रूप में वंदना ने दुर्ग जिले की ताकत युवाओं को बताया। उसने कहा कि एजुकेशन हब की वजह से सबसे साक्षर जिला होने के कारण दुर्ग हर मामले में प्रदेश में आगे है और यह बात सबसे ज्यादा प्रभावकारी है। बस प्राइमरी एजुकेशन के क्षेत्र में और ज्यादा अपग्रेट होने की जरूरत है।

मां से मिली प्रेरणा
भिलाई तीन निवासी वंदना अपनी माता मंजुलता सोनी से सबसे ज्यादा प्रेरित है। उनसे बताया कि पिता नूतन लाल सोनी बिजनेसमैन है और मां हाउसवाइफ होते हुए भी पढ़ाई के प्रति काफी समर्पित है। मां ने हमेशा पढ़ाई में उसका साथ दिया। वंदना कहती है कि उसे एमएससी के बाद प्रोफेसर्स बनना है ताकि वह युवाओं को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें आगे बढ़ता देख सकें।

श्रीशंकराचार्य कॉलेज जुनवानी की माइक्रो बॉायोलॉजी फाइनल ईयर की छात्रा वंदना सोनी कॉलेज में सबकी फेवरेट हैं। प्रिंसिपल रक्षा सिंह ने बताया कि एकेडमिक, सोशल एक्टिीविटी के साथ ही वंदना अच्छी चित्रकार भी हैं। प्राध्यापकों की फेवरेट होने के साथ ही जूनियर्स के बीच भी अपने अच्छे स्वभाव के कारण वह काफी फेमस है। उन्होंने बताया कि कलेक्टोरेट से आने के बाद वंदना ने कॉलेज वापस आकर अपना वीडियो प्रेजेंटेशन तैयार किया है। उम्मीद है कि इस युवा स्पार्क योजना की वह जरूर विजेता बनेगी।

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