भीलवाड़ा

भीलवाड़ा जिले में 1 लाख 32 हजार किसानों ने कराया फसल का बीमा

किसान स्वयं कर सकेंगे अपनी फसल के नुकसान का आकलन

2 min read
Aug 14, 2024
किसान स्वयं कर सकेंगे अपनी फसल के नुकसान का आकलन

bhilwara news : भीलवाड़ा-शाहपुरा के किसान अब खुद अपनी फसल के नुकसान का आकलन कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने गिरदावरी ऐप लांच किया है। सरकार ने यह ऐप किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रख लांच किया। अब किसान अपने खेत में बैठकर मोबाइल से ही गिरदावरी कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए किसानों को अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से राज. किसान गिरदावरी ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा जन आधार से लॉगिन कर ई-गिरदावरी कर सकते हैं। सरकार की ओर से किसानों को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से फसल की गिरदावरी किसानों के स्तर पर स्वयं करने की सुविधा शुरू की है।

कृषि विभाग के अधिकारी राजेन्द्र पोरवाल ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए किसान गिरदावरी ऐप विकसित किया गया है। इसका सभी किसानों को स्वयं की अपनी फसल की गिरदावरी करने के लिए उपयोग करना चाहिए। यदि किसी के खेत में कुछ भी नहीं बोया हुआ है तो भी निल (बिना फसल) गिरदावरी किसानों को करनी होगी। ताकि वे खुद के स्तर पर गिरदावरी करने की प्रक्रिया जान सकें।

जिले के 1,32,212 किसानों को मिलेगा फायदा

प्राकृतिक आपदा के समय फसलों को नुकसान होने पर किसान अब फसलों का बीमा कराने में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। जिले में 1 लाख 32 हजार 212 किसानों ने बीमा कराया है। यह बीमा सभी फसल को लेकर किए गए हैं। प्राकृतिक आपदा में फसल के नुकसान होने पर बीमा कराने की अंतिम तिथि भी निकल चुकी है। लेकिन ऋणी किसानों को यह राशि 25 अगस्त तक जमा कराने की छूट दी है। प्रदेश में फसल बीमा क्लेम के लिए किसान अब खुद ऑनलाइन दावा कर सकेंगे। इससे क्लेम लेकर होने वाले विवादों से काफी हद तक किसानों को राहत मिलेगी।

फसल बीमा योजना के लाभ

बीमा योजना के तहत किसानों को कम प्रीमियम पर ज्यादा मुआवजा दिया जाता है। ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। पीएमएफबीवाय जैसी योजनाओं के लिए किसान को खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 2 प्रतिशत और रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत तक का मामूली प्रीमियम देना पड़ता है।

इस तरह करनी होगी गिरदावरी

किसान को अपना आधार कार्ड या आधार कार्ड की सीडिंग करवानी पड़ेगी। आधार कार्ड के आधार पर एक ओटीपी किसान के मोबाइल पर आएगा। इसके बाद किसान इस ऐप पर आगे की कार्रवाई कर सकता है। इस ऐप के माध्यम से किसान अपने खेत या खेत के खसरा नंबर चयन कर अपने खेत में खड़ी फसल की गिरदावरी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते है। इस दौरान ऐप में किसान की फसल के रियल टाइम फोटोग्राफ लिए जाएंगे। इनके आधार पर पटवारी की ओर से गिरदावरी को प्रमाणित किया जाएगा।

Published on:
14 Aug 2024 06:31 pm
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