
Holi was celebrated with devotion in Shahpura, people wished for happiness and prosperity by baking 'Hole'.
भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा कस्बे में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली का पर्व मंगलवार को पारंपरिक हर्षोल्लास और अटूट श्रद्धा के साथ मनाया गया। कस्बे के वार्ड नंबर 22 स्थित ऐतिहासिक बारहट मोहल्ले सहित सभी वार्डों में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल 'होली माता की जय' के जयकारों और लोकगीतों से गुंजायमान रहा।
उत्सव को लेकर सुबह से ही बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। बच्चों ने मोहल्लों को आकर्षक रंगोली और झंडियों से सजाया। शाम होते ही ढोल-नगाड़ों की थाप पर फाग और लोकगीतों का दौर शुरू हुआ। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर होली की परिक्रमा की और मंगल गीत गाकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
होलिका दहन से पूर्व महिलाओं और श्रद्धालुओं ने होलिका माता का रोली, अक्षत, पुष्प और मालाओं से विधि-विधान से पूजन किया। कपूर और अगरबत्ती से आरती उतारी गई। शुभ मुहूर्त होते ही अग्नि प्रज्वलित की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
शाहपुरा की परंपरा के अनुसार, दहन के समय महिलाओं ने दहकती होली पर जल का छिड़काव किया। इस प्रतीकात्मक क्रिया के जरिए प्रज्वलित अग्नि को शांत करने और परिवार में शीतलता व शांति की प्रार्थना की गई।
दहन के दौरान श्रद्धालुओं ने गेहूं की नई बालियों (होले) को अग्नि में सेंका। अग्नि में पके इस नए धान को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। दहन के पश्चात कई श्रद्धालु अपने साथ पवित्र अग्नि (धूनी) लेकर घरों को लौटे, जहां धूप-ध्यान कर घर की शुद्धि की गई। मोहल्लेवासियों ने इस पर्व पर विश्व शांति और सकारात्मकता की सामूहिक प्रार्थना की।
Published on:
03 Mar 2026 09:19 am
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