भीलवाड़ा

11 हजार को व्याख्याता की सौगात, लेकिन 10वीं तक के स्कूलों से छिन जाएंगे अंग्रेजी, गणित-विज्ञान के शिक्षक

विभाग भले ही इसे बड़ी उपलब्धि मान रहा हो, लेकिन इस भारी-भरकम प्रमोशन ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया संकट खड़ा कर दिया है।

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Apr 23, 2026
11 हजार को व्याख्याता की सौगात, लेकिन 10वीं तक के स्कूलों से छिन जाएंगे अंग्रेजी, गणित-विज्ञान के शिक्षक

शिक्षा विभाग ने वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे 11,881 वरिष्ठ अध्यापकों (सैकंड ग्रेड) को डीपीसी के जरिए व्याख्याता पद पर पदोन्नत कर दिया है। 13 अप्रेल को इसे लेकर जोधपुर में बैठक हुई तथा 18 अप्रेल को विभिन्न विषयों के चयन आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। विभाग भले ही इसे बड़ी उपलब्धि मान रहा हो, लेकिन इस भारी-भरकम प्रमोशन ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया संकट खड़ा कर दिया है।

हालत यह है कि अगर इन नव-पदोन्नत व्याख्याताओं को काउंसलिंग के जरिए नई जगह पोस्टिंग दी जाती है, तो प्रदेश के हजारों सेकेंडरी स्कूलों (कक्षा 10 तक) से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे क्लिष्ट विषयों के शिक्षक गायब हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, सरकार की लेटलतीफी के कारण प्रदेश के 3833 क्रमोन्नत स्कूलों को अब भी व्याख्याता नसीब नहीं हुए हैं। क्योंकि वहां अभी तक पद ही स्वीकृत नहीं किए गए हैं। हालांकि इन स्कूलों में कक्षा 9वी से 12वी तक के छात्रों को सैकंड ग्रेड के शिक्षक ही तीनोें विषयों में अध्यापन करवा रहे हैं।

संकट का मूल कारण: चैन सिस्टम टूटा

दरअसल, सैकंड ग्रेड से व्याख्याता (फर्स्ट ग्रेड) के लिए डीपीसी तो हो गई, लेकिन तृतीय श्रेणी (थर्ड ग्रेड) से द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी लंबे समय से अटकी पड़ी है। ऐसे में जब सैकंड ग्रेड के शिक्षक प्रमोट होकर 11वीं-12वीं को पढ़ाने जाएंगे, तो उनकी जगह लेने के लिए सैकंड ग्रेड के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इससे 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। जिन स्कूलों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे कठिन विषय पढ़ाने वाले अध्यापक नहीं होंगे, वहां का परीक्षा परिणाम बुरी तरह प्रभावित होगा। फिलहाल इन शिक्षकों को यथास्थान (जहाँ हैं, वहीं) कार्यग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन पोस्टिंग होते ही स्कूलों का ढांचा चरमरा जाएगा। वही कई स्कूलों में 9वीं और 10वीं कक्षा को पढ़ाने के लिए पहले से ही स्वीकृत सैकंड ग्रेड शिक्षकों के 40 फीसदी से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि तृतीय श्रेणी के 27 हजार शिक्षकों की और डीपीसी जल्द की जाएगी।

  • किस विषय में कितने बने व्याख्याता
  • 2844-हिन्दी
  • 2156-राजनीति विज्ञान
  • 1645-इतिहास
  • 1559-भूगोल
  • 965- अंग्रेजी
  • 485-रसायन विज्ञान
  • 426- जीव विज्ञान
  • 435 -संस्कृत
  • 374-गणित
  • 309- अर्थशास्त्र
  • 269 -भौतिक विज्ञान
  • 154- उर्दू
  • 107- समाजशास्त्र
  • 23 - राजस्थानी
  • 19- पंजाबी
  • 15 अन्य

तृतीय से द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की भी हो डीपीसी

नव-पदोन्नत व्याख्याताओं को पोस्टिंग मिलने के साथ ही कई स्कूलों में पद रिक्त हो जाएंगे। ऐसे में कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों का भविष्य अधर में आ जाएगा। क्योंकि अंग्रेजी, गणित-विज्ञान के शिक्षक नहीं मिलेंगे। ऐसे भी तृतीय श्रेणी (थर्ड ग्रेड) से द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी लंबे समय से अटकी पड़ी है। इसे जल्द डीपीसी की जानी चाहिए।

- नीरज शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील)

Published on:
23 Apr 2026 08:44 am
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