राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए किए गए तमाम दावों के बावजूद बुधवार को हाईटेक नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शहर के सुभाषनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर 12वीं रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के पेपर में एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर […]
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए किए गए तमाम दावों के बावजूद बुधवार को हाईटेक नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शहर के सुभाषनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर 12वीं रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के पेपर में एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर नकल करते पकड़ी गई। केंद्र अधीक्षक की सजगता से छात्रा को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद सुभाषनगर थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
बुधवार 4 मार्च को सुभाषनगर केंद्र पर 12वीं केमिस्ट्री की परीक्षा चल रही थी। कमरा नंबर 24 में वीक्षकजयापी. लालवानी की ड्यूटी थीं। सुबह करीब 10 बजे एक छात्रा जिसके रोल नंबर 2549961 है। लघुशंका (टॉयलेट) के लिए गई। जब वह 10 मिनट से ज्यादा समय बीत जाने पर भी नहीं लौटी, तो वीक्षक को शक हुआ। उन्होंने तुरंत परीक्षा विभाग और केंद्र अधीक्षक को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही केंद्र अधीक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तुरंत शौचालय पहुंचे। वहां तीन शौचालय खुले थे और एक बंद था। उन्होंने बंद दरवाजे को खटखटाकर खोलने को कहा। करीब 2 मिनट बाद छात्रा ने दरवाजा खोला। संदेह के आधार पर जब केंद्र अधीक्षक ने छात्रा की सघन जांच की, तो उसके अंडरगारमेंट्स में एक मोबाइल फोन छिपा हुआ मिला।
मोबाइल मिलने के बाद तुरंत अतिरिक्त केंद्र अधीक्षक, परीक्षा प्रभारी और आंतरिक उड़न दस्ते को मौके पर बुलाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भी घटना से अवगत करवाया गया। डीईओ ने नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्रा साक्षी लोहार के मूल विद्यालय की प्रभारी शिक्षिका ज्योति जैन और संबंधित प्रधानाचार्य को भी सूचित किया गया।
केंद्र अधीक्षक एवं प्रधानाचार्य उर्मिला जोशी के अनुसार मोबाइल को जब्त कर बोर्ड की निर्देशिका के अनुसार नकल का प्रकरण तैयार किया गया। इसके बाद दोपहर में वे सहायक केंद्र अधीक्षक ममता शर्मा और परीक्षा प्रभारी सोनू शर्मा के साथ सुभाषनगर थाने पहुंचे। जहां छात्रा के खिलाफ नकल प्रकरण के तहत नामजद एफआईआर दर्ज की गई। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट अजमेर बोर्ड को भेज दी गई है।