
Mahatma Gandhi Hospital Bhilwara: भीलवाड़ा महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं पर निचले स्तर के कर्मचारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन इकाई और आउटडोर में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर व अन्य संसाधनों के माकूल बंदोबस्त कर रखे हैं। बावजूद इसके कुछ गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों के चलते मरीजों की जान सांसत में पड़ रही है।
बता दें कि हाल ही में रामधाम चौराहे पर हुए हादसे में गंभीर घायल को लेकर पहुंची 108 एंबुलेंस करीब 20 मिनट तक अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर खड़ी रही। लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुस्ती के चलते मरीज को समय पर अंदर नहीं ले जाया जा सका।
108 एंबुलेंस के पायलट प्रभु प्रजापत ने बताया कि वे घायल मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। गेट पर एंबुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा। प्रोटोकॉल के मुताबिक, सायरन की आवाज सुनते ही ट्रॉमा व इमरजेंसी स्टॉफ को स्ट्रेचर लेकर तुरंत बाहर आना होता है। इसके उलट 20 मिनट बाद तक कोई भी कर्मचारी बाहर नहीं निकला।
जब पायलट ने अंदर जाकर वार्ड बॉय और वार्ड लेडी से मरीज को शिफ्ट करने का आग्रह किया, तो उन्होंने यह बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया कि गेट पर रखे दोनों स्ट्रेचर व्यस्त हैं और मरीज को गाड़ी में ही इंतजार करना होगा। जबकि हकीकत यह थी कि परिसर में अन्य ट्रॉली व स्ट्रेचर उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों ने उन्हें लाने की जहमत नहीं उठाई।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मोहन सिंह और कैलाश बैरवा ने बताया कि तड़पते हुए मरीज को एंबुलेंस में बेबस पड़ा देख आमजन का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि जब सरकार और अस्पताल प्रशासन ने ट्रॉमा वार्ड में पर्याप्त संसाधन मुहैया करा रखे हैं, तो चंद लापरवाह कर्मचारियों की मनमानी से व्यवस्थाएं क्यों पटरी से उतर रही हैं। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। अब अस्पताल प्रशासन से ऐसे गैर-जिम्मेदार स्टॉफ पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित गार्ड व लापरवाह कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से वहां से हटा दिया गया है। व्यवस्था प्रभारी को भी सख्त हिदायत दी गई है। अस्पताल में ट्रॉली और स्ट्रेचर के पर्याप्त इंतजाम हैं, कर्मचारियों की किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए पुख्ता मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
-डॉ. अरुण कुमार गौड़, अधीक्षक, एमजीएच