
भीलवाड़ा।
राष्ट्र सेविका समिति के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शहर में किए पथ संचलन में बालिकाओं, युवतियों तथा महिलाओं ने कदमताल मिलाई। बांसुरी व घोष की थाप पर महिलाओं ने कदम बढ़ाए। विभाग कार्यवाहिका सुशीला पारीक ने बताया कि मातृशक्ति का संचलन सवा पांच बजे हरिशेवा धाम से शुरू हुआ, जो मुख्य मार्गों से होता हुआ। पुन: हरिशेवा धाम आकर सम्पन्न हुआ। संचलन में करीब ५०० सेविकाओं ने हिस्सा लिया।
यह था आकर्षण का केन्द्र
पथ संचलन में मुख्य आकर्षण महिला घोष व बांसुरी वादन था। बागौर, बनेड़ा, जहाजपुर, माण्डल, सांगानेर और पुर की सेविकाओं के अलावा चित्तौडग़ढ़, अजमेर व उदयपुर का भी प्रतिनिधित्व रहा।
महिलाओं की भूमिका अहम
पारीक ने कहा कि राष्ट्र के नवनिर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम है। वे हरिशेवा धाम में सेविकाओं को संबोधित कर रही थी। उन्होंने बताया कि 1936 में इसकी स्थापना लक्ष्मीबाई केलकर ने की। जो 8२वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। १4 देशों में शाखाएं हैं। जिला कार्यवाहिका विनिता चापडिय़ा ने बताया कि कार्यक्रम में प्रान्त कार्यवाहिका वन्दना वजीरानी, विभाग कार्यवाहिता पारीक ने शस्त्र पूजन किया।
किया स्वागत
पथ संचलन का सामाजिक संगठनों ने कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सूचना केंद्र चौराहे पर स्वागत करने वालों में सांसद सुभाष बहेडिय़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।