
बीजेपी (Photo - ANI)
भीलवाड़ा। राजस्थान में निकाय चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर घमासान तेज हो गया है। भीलवाड़ा में पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी बगावत के रूप में सामने आने लगी है। टिकट वितरण में कथित मनमानी और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के विरोध में करीब 70 बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी के लिए वर्षों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऐसे दावेदारों को टिकट देने की तैयारी की जा रही है, जिनका संगठन और बूथ स्तर पर कोई खास योगदान नहीं रहा है। इसको लेकर पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
वार्ड 20 के शक्ति केंद्र अध्यक्ष एवं संयोजक धनपत सिंह चंडालिया ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके वार्ड में जिस व्यक्ति का नाम प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रहा है, उसने कभी बूथ तक नहीं देखा। उनका कहना है कि पार्टी के लिए लगातार काम करने वाले कार्यकर्ताओं की जगह यदि ऐसे लोगों को टिकट दिया जाता है तो जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी होना स्वाभाविक है।
चंडालिया ने दावा किया कि संबंधित दावेदार ने उन्हें फोन कर बताया कि पार्टी कार्यालय से उसे टिकट के लिए बुलाया गया है। उनका आरोप है कि आधिकारिक सूची जारी होने से पहले ही कुछ नामों को लेकर निर्णय किए जा रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि प्रत्याशियों का चयन करने से पहले उनके संगठनात्मक योगदान और जमीनी पकड़ की पूरी जानकारी ली जाए।
टिकट वितरण से नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 20 वर्षों से बीजेपी के लिए काम कर रहे एक सक्रिय कार्यकर्ता ने भी प्रताप मंडल अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका आरोप है कि जिन लोगों को पार्टी के जिला कार्यालय तक का पता नहीं है, उन्हें सीधे फोन कर टिकट देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के लिए मुश्किल समय में साथ खड़े रहने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट की दौड़ में पीछे किया जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यह पहली बार नहीं है जब भीलवाड़ा बीजेपी में टिकट वितरण को लेकर विरोध सामने आया है। इससे पहले पार्टी की अधिकृत सूची जारी होने से पहले ही महिला नेताओं ने जिला बीजेपी कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध जताया था। पूर्व पार्षद रेखा पुरी सहित कई महिला पदाधिकारियों ने पार्टी नेताओं पर चहेतों को टिकट देने और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया था।
वहीं, टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व पार्षद रमेश सिंधी और उनके पुत्र नवीन सिंधी बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में अब करीब 70 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे ने निकाय चुनाव से पहले बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से प्रत्याशियों की अंतिम सूची और टिकट वितरण को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
Updated on:
30 Aug 2026 07:49 pm
Published on:
30 Aug 2026 07:49 pm
