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(फोटो) लंपी का ‘अलर्ट’, डीग-भरतपुर में गोवंश संक्रमित, महकमा मुस्तैद

Rajasthan

- पशुपालन विभाग ने 8 सितंबर तक बढ़ाई टीकाकरण की तिथि

- उत्तर प्रदेश में फैल रहा लंपी, राजस्थान में 2022 में हुई थी हजारों गोवंश की मौत

चित्तौडगढ़़. प्रदेश में एक बार फिर वायरस जनित लंपी स्किन डिजीज की आहट ने पशुपालन विभाग की नींद उड़ा दी है। हालांकि राहत की खबर यह है कि फिलहाल जिले में लंपी का एक भी सक्रिय मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में इसके तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जानकारों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, शामली, बागपत और मथुरा-गोवर्धन क्षेत्र में लंपी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चूंकि यह एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए यूपी से सटे सीमावर्ती जिलों विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि डीग-भरतपुर में 56 लंपी के मामले आ चुके हैं।

Bटीकाकरण का दायरा बढ़ा, 8 तक होगा टीकाकरण
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लंपी के खतरे से गोवंश को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभाग व्यापक स्तर पर 'गोट पॉक्स वैक्सीन' का अभियान चला रहा है। टीकाकरण की अंतिम तिथि पहले 25 अगस्त निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 सितंबर कर दिया गया है।

B2022 के भयावह मंजर से सबक
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वर्ष 2022 में लंपी महामारी ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई थी। लाखों गोवंश इसकी चपेट में आ गया था और हजारों की मौत हुई थी। अकेले चित्तौडगढ़़ जिले में करीब 20 हजार गोवंश संक्रमित हुआ था। हालांकि आधिकारिक आंकड़ों में मौतों की संख्या करीब 125 बताई गई थी, लेकिन मैदानी स्तर पर 1000 से अधिक गोवंश ने दम तोड़ा था।

Bभरतपुर 400 और डीग में 600 पशु संक्रमित
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जानकारों के अनुसार अब तक भरतपुर में 400 और डीग में 600 पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। इसमें से 56 पशुओं की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है। ऐसे में संक्रमित पशुओं का उपचार किया जा रहा है। यह वायरस जनित रोग है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह बीमारी गंभीर रूप नहीं ले रही है। अधिकांश पशु उपचार के बाद दो-तीन दिन में ही रिकवर हो रहे हैं।

Bपशुपालक रखें ध्यान, ये हैं लंपी के प्रमुख लक्षण
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तेज बुखार व सुस्ती: संक्रमण की शुरुआत में पशु को तेज बुखार आता है और वह सुस्त हो जाता है।

त्वचा पर गांठें: शरीर की त्वचा पर कठोर, गोल गांठें या चकत्ते उभरने लगते हैं।

लार व पानी बहना: पशु की आंखों व नाक से लगातार पानी बहता है और मुंह से अत्यधिक लार गिरती है।

दूध उत्पादन में गिरावट: पशु खाना छोड़ देता है और दूध देने की क्षमता में अचानक भारी कमी आ जाती है।

Bपशुओं में टीकाकरण की तिथि बढ़ाई
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जिले में अभी तक लंपी को कोई मामला नहीं आया है। भरतपुर आदि में मामले आए हैं। टीकाकरण की तिथि को 8 सितम्बर तक बढ़ाया गया है। विभाग की ओर से गोशालाओं एवं पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।

B- डॉ. सीता कुमीर खटीक, Bकार्यवाहक संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग चित्तौडगढ़़

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