
भीलवाड़ा।
Polluted water राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी ने पद ग्रहण करने के साथ ही उद्यमियों की बैठक लेकर हिदायत दी, लेकिन वह बेअसर रही। बैठक के कुछ घंटों बाद ही प्रोसेस हाउस संचालक बारिश के पानी के साथ दूषित व केमिकलयुक्त पानी छोडऩे से बाज नहीं आए। इसके चलते आटूण नालें में शनिवार शाम काला पानी बहता रहा।
एनजीटी के आदेश का भी असर नहीं
Polluted water नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद भी प्रोसेस हाउस संचालक नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं। एनजीटी ने दूषित पानी फैक्ट्रियों से बाहर छोडऩे पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी फैक्ट्री संचालक नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं।
अधिकारियों ने किया था क्षेत्र का दौरा
Polluted water मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी महावीर मेहता ने कार्यभार संभालते ही कर्मचारियों व अधिकारियों की बैठक ली। मेहता ने निर्देश दिए है कि कोई भी उद्योग नियमों की पालना नहीं करता है, तो रिपोर्ट पेश करें। इसके बाद उन्होंने प्रोसेस हाउस संचालकों की बैठक ली। बैठक में कहा गया कि दूषित पानी छोड़ते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेहता ने अपराह्न बाद ग्रोथ सेन्टर, चित्तौडग़ढ़ स्थित सभी प्रोसेस हाउसों के पीछे तथा गुरवाड़ी नाले व मंगरोप एनिकट तक दौरा किया था। इसके कुछ देर बाद ही आटूण नाले में दूषित पानी छोड़ दिया गया, जो गुवारड़ी नाले, मंगरोप एनिकट से बनास नदी में जाकर मिल रहा है।
मिली गड़बड़ी
क्षेत्र के दौरे में कुछ स्थानों पर गड़बड़ी मिली थी। इसे सुधारने के लिए निर्देश दिए थे। आटूण नाले में दूषित पानी की सूचना नहीं मिली है। ऐसा है तो जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महावीर मेहता, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल