पंडित जहां अग्नि को साक्षी मानकर फेरे करवा रहे थे, वहीं बगल में मौलवी निकाह पढ़वा रहे थे
भीलवाड़ा।
एक तरफ मंच पर जहां मंडप के नीचे वेद मंत्रों की मंगल गूंज थी तो दूसरी ओर कलमें पढे जा रहे थे। पंडित जहां अग्नि को साक्षी मानकर फेरे करवा रहे थे, वहीं बगल में मौलवी निकाह पढ़वा रहे थे। यह नजारा रविवार को यहां कुवाड़ा रोड स्थित अंजूमन स्कूल परिसर में दिखा। सिलावटान विकास सेवा समिति की ओर से हुए सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन में हिंदू समाज के 11 जोड़ों ने विवाह व मुस्लिम समाज के 10 जोड़ो ने निकाह कुबूला।
इससे पहले दूल्हनों को बग्गियों व दूल्हों को घोड़ी पर बैठाकर एक साथ बिन्दौली निकाली गई। बाराती ढोल-नगाड़ों व बैंड पर फिल्मी गीतों पर नाचते गाते चल रहे थे। बिन्दौली जब स्कूल पहुंची तो समिति सदस्यों व जनप्रतिनिधियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। फिर विवाह व निकाह हुए। समिति ने हर जोड़े को सांगानेर रोड पर एक-एक प्लॉट उपहार में दिया। इसके अलावा सोने का मंगलसूत्र व अंगूठी, चांदी की बिछिया, पायल तथा गृहस्थी का सामान भी दिया गया।
समिति संरक्षक संत भजनाराम, अध्यक्ष मोहम्मद रफीक सिलावट, सचिव सलमा सिलावट, प्यारेलाल खोईवाल, गोपाल केशावत, हाजी इकबाल काजी, मनीषकुमार, राजकुमार, गोपाल मीणा, दीपिका चौहान व निसार सिलावट समेत कई गणमान्य नागरिकों ने वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया।
टीकाकरण को लेकर सर्वे
भीलवाड़ा. राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर यूनिसेफ ने दो दिवसीय सर्वे किया गया। इसमें जिले के 32 चिन्हित राजस्व गांव एवं शहरी क्षेत्र में मातृ-शिशु सेवाओं की गुणवत्ता परखी गई। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीपी गोस्वामी ने बताया कि दिसंबर 2018 तक प्रत्येक गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूनिसेफ का सर्वे रविवार को पूरा हुआ। डॉ. गोस्वामी ने यूनिसेफ के कंसलटेंट एवं सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान डॉ. आरपी जैन के साथ जिले के स्वास्थ्य केंद्रों एवं गांव की घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाओं के समुचित प्रबंधन की जांच की। सर्वे शाहपुरा , जहाजपुर, मांडलगढ़ ,मांडल, गुलाबपुरा ,बनेड़ा ,कोटडी ,सुवाणा ,रायपुर, गंगापुर एवं भीलवाड़ा शहरी क्षेत्र के चिन्हित स्थानों पर किया गया।