- मजदूर की बेटी को टीम से बाहर करने पर परिजनों ने लगाई निष्पक्ष चयन की गुहार - 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी प्रतियोगिता अंडर-14 बास्केटबॉल चयन पर उठे सवाल
69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता के तहत छात्रा (14 वर्ष आयु वर्ग) बास्केटबॉल टीम के चयन को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। निजी स्कूल की कक्षा सात की छात्रा रिमशा डडवाड़िया के परिजनों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और पक्षपात का आरोप लगाया।
रिमशा की माता गीता रेगर ने बताया कि उनकी बेटी ने राज्य स्तरीय अंडर-14 बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयन शिविर तक पहुंच बनाई थी। चयन परीक्षण शिविर 9 से 10 दिसंबर को करेड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सोमाणिया में हुआ। गीता का आरोप है कि रिमशा ने कैंप में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम टीम में उसे शामिल नहीं किया। जबकि उससे कमजोर खिलाड़ियों को चुना गया। गीता का कहना है कि “बड़े नामों” को प्राथमिकता दी गई और प्रतिभा को नजरअंदाज किया। परिजनों ने कलक्टर से आग्रह किया है कि चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। अंतिम पांच चयनित खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना करवाई जाए और चयन परीक्षण को पुनः पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए।