
भीलवाड़ा।
खेतों में काले सोने की फसल लहला उठी है, मौसम से किसान खुश है और अच्छी उपज मिलने की उम्मीद लगाए है, कही कुदरत व तस्करों की नजर ना लग जाए, इसको लेकर वो चिंतित भी है। दूसरी तरफ उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा ने अफीम की फसल की नपती के लिए बीस टीम गठित की है। नपती कार्य 26 दिसम्बर से भीलवाड़ा संभाग के 275 गांवों में शुरू हो जाएगा।
केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो भीलवाड़ा संभाग के अधीन जहाजपुर, मांडलगढ़, बिजौलियां व कोटड़ी तथा चित्तौडग़ढ़ जिले के बेगूं व रावतभाटा तहसील के 275 गांवों में ब्यूरो ने 5246 काश्तकारों को दस-दस आरी के अफीम पट्टे जारी किए है। यहां कुल 524.60 हैक्टेयर क्षेत्र में काश्तकारों ने अफीम की बुवाई की है। अक्टूबर माह में अफीम नीति में हुए बदलाव से संभाग में कुल 576 नए काश्तकार और बढ़े है।
बीस टीम करेगी नपती
संभाग में अक्टूबर माह में पट्टे बांटे जाने के साथ ही अफीम की बुवाई शुरू हो चुकी है, खेतों में अब फसल लहला रही है। जिला अफीम अधिकारी एसके सिंह बताते है कि अभी मौसम फसल के अनुरूप होने से अफीम को अच्छी ग्रोथ मिलने की उम्मीद है। दूसरी तरफ उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा ने अफीम की फसल की नपती के लिए राजस्थान के लिए बीस टीम गठित की है। ये टीम सबसे पहले भीलवाड़ा संभाग के गांवों में २६ दिसम्बर से नपती कार्य शुरू करेगी। वही अफीम की फसल की सुरक्षा को लेकर काश्तकारों ने सामूहिक रूप से गश्त शुरू कर दी है।