स्वास्थ्य विभाग ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं
भीलवाड़ा।
स्वास्थ्य विभाग ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। विज्ञप्ति जारी होने के बाद अभ्यर्थी आवेदन को लेकर उलझन में फंसे हैं। जिस नौकरी के लिए सरकार ने प्रशिक्षण दिलाया। उसके लिए 12वीं अंकों की मेरिट बनाकर 2 साल की ट्रेनिंग दिलाई थी लेकिन अब नौकरी के लिए 10वीं अंकों से मेरिट बनाना तय किया है।
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आवेदन की अंतिम तिथि 23 जुलाई है।अतिरिक्त निदेशक ने 18 जून को विज्ञप्ति जारी की, जिसमें शैक्षणिक योग्यता 10 वीं और व्यवसायिक योग्यता हेल्थ वर्कर फीमेल कोर्स उत्तीर्ण रखी। शैक्षणिक और व्यवसायिक योग्यता के अंकों को जोड़कर मेरिट बनेगी।
विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते समय सिर्फ 10वीं के अंकों का ऑप्शन है। विभाग की इस नीति से प्रदेश के 23 हजार अभ्यर्थी असमंजस में हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है, जब सरकार ने ट्रेनिंग 12 वीं की मेरिट से दिलाई तो नौकरी भी 12वीं अंकों के आधार पर दी जाए।
उनका आरोप है, विभाग जानबूझकर भर्ती को कोर्ट में लटकाना चाहता है। कोर्स के लिए इंडियन नर्सिंग कौंसिल ने 5 साल पहले शैक्षणिक योग्यता बदली थी। 12वीं के अंकों की मैरिट बना ट्रेनिंग में प्रवेश तय किया था। विभाग ने दो बैचों को ट्रेनिंग पूरी कराई लेकिन अब भर्ती में पहले की तरह 10वीं अंकों की मैरिट बनाकर नौकरी देने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं।
संविदाकर्मियों को बोनस अंक
विभाग ने भर्ती में संविदाकर्मियों को बोनस अंक देने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थी को अधिकतम 15 बोनस अंक दिए जा सकेंगे। अभ्यर्थी को अनुभव प्रमाण पत्र देना होगा।
जीएनएम भर्ती नियमों में परिवर्तन
जीएनएम भर्ती में लिखित परीक्षा ली जाएगी। वर्षों से संविदा पर काम रहे कर्मचारियों को बोनस दिए जाएंगे। सरकार ने इसके नियम बदले हैं। विभाग ने जीएनएम पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रखी है। बोनस अंक कितने दिए जाएंगे यह राज्य सरकार के स्तर पर तय होगा।
शैक्षणिक योग्यता में हो सकता है परिवर्तन
पहले ट्रेनिंग के लिए 10 वीं शैक्षणिक योग्यता निर्धारित थी। 2013 में इंडियन नर्सिंग कौंसिल ने इसे बढ़ाकर 12 वीं कर दिया। विभाग की मंशा है कि 2013 से पहले बैच सहित सभी अभ्यर्थियों को नौकरी मिले। इसके लिए 10 वीं के अंकों की मेरिट बनाना तय है। विभाग चाहे तो शैक्षणिक योग्यता में परिवर्तन भी कर सकता है।
डॉ.सीपी गोस्वामी, आरसीएचओ, भीलवाड़ा