- 20 जिलों में 15 जनवरी तक चली विशेष कार्रवाई - सर्वाधिक एफआईआर और गिरफ्तारी भी टेक्सटाइल सिटी में, 125 लाख का वसूला जुर्माना
राजस्थान में खनन माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में भीलवाड़ा जिला प्रदेश में अव्वल रहा है। प्रदेश के 20 जिलों में 29 दिसंबर से 15 जनवरी तक चले इस सघन अभियान के दौरान भीलवाड़ा पुलिस और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर माफिया पर बड़ा प्रहार किया है।
आंकड़ों की बाजीगरी में भीलवाड़ा ने जयपुर और अजमेर जैसे बड़े जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है। खनिज अभियंता महेश कुमार शर्मा के अनुसार यह अभियान केवल एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और भी सख्त की जाएगी।
अभियान के दौरान भीलवाड़ा में प्रदेश के सर्वाधिक प्रकरण दर्ज किए गए। भीलवाड़ा में 159, जयपुर में 113 और अजमेर में 94 प्रकरण बनाए गए हैं। एफआईआर के मामले में सर्वाधिक 60 भीलवाड़ा तथा टोंक में 54 और दौसा में 26 दर्ज की गई हैं।
हालांकि प्रकरणों और गिरफ्तारियों में भीलवाड़ा शीर्ष पर रहा, लेकिन खनिज की मात्रा जब्त करने के मामले में जयपुर प्रथम स्थान पर रहा। जयपुर में रेकॉर्ड 14,805 मीट्रिक टन खनिज जब्त किया गया। वहीं, उदयपुर में 4,427 टन, अजमेर में 2,995 टन और भीलवाड़ा में 2,257 मीट्रिक टन अवैध खनिज जब्त किया है।
भीलवाड़ा में न केवल मशीनें जब्त की गईं, बल्कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। राजसमंद में 17 और पाली में 15 गिरफ्तारियों के साथ प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि अवैध खनन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले भर में 1.25 करोड़ रुपए तथा जयपुर में 91.73 लाख रुपए का जुर्माना वसूल कर सरकारी कोष में जमा कराया गया है। भीलवाड़ा में 175 और जयपुर में 94 एक्सकैवेटर, जेसीबी और क्रेन समेत अन्य वाहन जब्त किए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। 175 से अधिक मशीनें और वाहन जब्त करना माफिया के तंत्र पर बड़ी चोट है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- महेश कुमार शर्मा, खनिज अभियंता, भीलवाड़ा