भीलवाड़ा जिले को मिलेंगे 23 वाहन, पहली खेप में पहुंचे 16 टोल फ्री नंबर 1962 पर करना होगा डायल
भीलवाड़ा में अब पशुओं के इलाज के लिए पशुपालक को भटकना नहीं पड़ेगा। पशुपालक के दरवाजे पर ही वाहन आएगा, जो पशुओं का इलाज करेगा। भीलवाड़ा जिले में 16 मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन किया जाएगा, जो घर-घर जाकर पशुओं का इलाज करेगी। लगभग एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल यूनिट लगाई जाएगी।
जिले में लगभग 23.89 लाख पशु हैं। इस आधार पर 23 वाहन स्वीकृत किए हैं। पहली खेप में 16 वाहन आ चुके हैं। पशुपालक को टोल फ्री नंबर 1962 पर फोन करना होगा। मोबाइल यूनिट सीधे पशुपालक के दरवाजे पर पहुंचेगी। मोबाइल यूनिट में दवा के साथ ही इलाज के सारे इंतजाम होंगे।
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. अल्का गुप्ता ने बताया कि यह सुविधा किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। चल पशु चिकित्सा सेवा से घर पर पशुओं का टीकाकरण, गर्भाधान एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। पशुओं का इलाज बेहतर ढंग से हो सकेगा।
प्रत्येक मोबाइल यूनिट में एक पशु चिकित्सक, एक सहायक और ड्राइवर तैनात रहेंगे। पशुओं के गोबर, मूत्र व खून के परीक्षण की सुविधा भी होगी। छोटे जानवरों के आपरेशन के लिए ओटी की सुविधा है।