
राजस्थान में 25 नवंबर के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को फोटो युक्त पर्ची की जगह क्यूआर कोड वाली वोटर स्लिप मिलेगी। इसे स्कैन करते ही जानकारी के साथ ही विधानसभा क्षेत्र और मतदान केन्द्र का ब्योरा भी मिल जाएगा। इससे मतदाताओं को मतदान केंद्र खोजने को भटकना नहीं पड़ेगा।
मतदान से पांच दिन पहले यह पर्ची घर-घर बंटना शुरू होगी। निर्वाचन विभाग की ओर से 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांगों को होम वोटिंग की सुविधा के बाद क्यूआर कोड वाली वोटर स्लिप पहली बार दी जाएगी। विभाग की ओर से 1 करोड़ 25 लाख परिवार को पॉकेट गाइड भी दी जाएगी।
भीलवाड़ा जिले की सात सीटों पर 18 लाख 51 हजार 707 वोटर्स वोट डालेंगे। वोटर स्लिप निर्वाचन विभाग की ओर से जिला अधिकारी को दी जाएगी। यहां से बीएलओ तक पहुंचेगी। वह घर-घर जाकर बांटेगा। इसके साथ ही पर्ची के सही वोटर्स को मिल रही है या नहीं, इसका सत्यापन भी करेगा। स्लिप पर मतदाता का नाम, फोटो की जगह क्यूआर कोड, हेल्पलाइन नंबर, मतदान केंद्र की जानकारी, सूची में नाम, नंबर आदि की जानकारी अंकित रहेगी। पर्ची के साथ 12 तरह के दस्तावेज में आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा जॉब कार्ड, पासपोर्ट समेत 12 तरह के दस्तावेज में से एक लाना अनिवार्य है। क्यूआर कोड की पर्ची जारी करने का मकसद चुनाव में पारदर्शिता और मतदाताओं को घर बैठे जानकारी देना है।