
उदयपुर पुलिस टीम ने साधू बनकर की कार्रवाई (फोटो: पत्रिका)
शातिर और इनामी अपराधियों तक पहुंचने के लिए राजस्थान पुलिस अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नई रणनीतियां अपना रही है। कहीं पुलिसकर्मी साधु बने, कहीं चायवाला, जिम ट्रेनर, कुरियर बॉय या जनगणना प्रगणक। पहचान छिपाकर की गई निगरानी और लंबी रेकी के बाद पुलिस ने पिछले 2 सालों में कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया। अकेले भीलवाड़ा पुलिस ने इस दौरान 26 इनामी और लंबे समय से फरार बदमाशों को दबोचा। अपराधियों को भनक न लगे, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध ठिकानों के बाहर चाय की थड़ी पर काम किया, मैकेनिक बनकर निगरानी की, जिम ट्रेनर बनकर रेकी की और जरूरत पड़ने पर साधु का वेश भी धारण किया।
भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक सागर राणा के अनुसार इन अभियानों में पुलिस टीमों ने बस और ट्रेन से हजारों किलोमीटर का सफर किया। कई मामलों में जवानों ने लगातार कई दिनों तक संदिग्धों की निगरानी की। सही समय का इंतजार कर बिना किसी हंगामे के कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
Updated on:
06 Jul 2026 12:39 pm
Published on:
06 Jul 2026 12:39 pm
