
Bhilwara ACB Arrests MP Police Head Constable
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार 29 जून की शाम को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ब्यूरो की टीम ने मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाने में तैनात प्रधान आरक्षी (हेड कांस्टेबल) तपेश गोसाई को 50 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भीलवाड़ा के सर्किट हाउस के नजदीक एक निजी होटल के कमरे में बैठकर पिछले 2 दिनों से राजस्थान के एक स्थानीय फरियादी और उसके परिवार को जमीन संबंधी फर्जी मुकदमे में फंसाने व पूरे मोहल्ले में हथकड़ी लगाकर बेइज्जत करने की धमकी देकर अवैध उगाही करने वाले इस एमपी पुलिस के जवान को राजस्थान एसीबी की टीम ने केमिकल लगे नोटों और वॉयस रिकॉर्डर के पुख्ता जाल में फंसाकर दबोचा।
यह पूरा मामला राजस्थान के भीलवाड़ा और मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बीच जुड़े एक जमीनी विवाद और पुलिस की अवैध वसूली से जुड़ा हुआ है। पीड़ित के पुत्र द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 4 दिन पहले एमपी पुलिस की एक टीम ने उनके पिता को जमीन से संबंधित एक कथित फर्जी मुकदमे के सिलसिले में अचानक उठा लिया था। आरोप है कि भीलवाड़ा के ही एक अन्य स्थानीय निवासी ने आपसी धोखाधड़ी का एक मामला रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज कराया था।
इसी मामले की जांच करने के नाम पर रविवार को रतलाम के औद्योगिक थाना से 3 पुलिसकर्मियों की एक टीम भीलवाड़ा पहुँची थी। यह टीम भीलवाड़ा के सर्किट हाउस के पास स्थित एक होटल में रुकी हुई थी। टीम में शामिल हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ने पीड़ित के परिवार को फोन कर डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
आरोपी हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई लगातार पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बना रहा था। उसने पीड़ित के बेटे को फोन कर धमकी दी कि यदि तुरंत 1 लाख रुपये का इंतजाम नहीं किया गया, तो उसके पिता को सरेआम हथकड़ी लगाई जाएगी और पूरे मोहल्ले में पैदल घुमाकर बेइज्जत किया जाएगा।
यही नहीं, आरोपी ने कहा कि यदि पैसे नहीं मिले तो पीड़ित की सभी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा खंगाला जाएगा और कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों को भी बार-बार मध्य प्रदेश (MP) बुलाकर कोर्ट-कचहरी के चक्कर में परेशान करने की धमकी दी गई।
मामले को पूरी तरह रफा-दफा करने के एवज में मांगी गई 1 लाख की रकम के बारे में तपेश ने बताया कि इसमें से 50,000 रुपये उसके खुद के हैं और बाकी के 50,000 रुपये उनके थानाप्रभारी (मैडम) के पास जाएंगे।
पुलिसकर्मी के लगातार बढ़ते टॉर्चर और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित के पुत्र ने सोमवार सुबह ₹10,000 की पहली किस्त आरोपी को दे दी थी, लेकिन इसके बाद भी हेड कांस्टेबल का दबाव कम नहीं हो रहा था। अंततः सोमवार दोपहर को पीड़ित के पुत्र और उसके चाचा ने हिम्मत दिखाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) भीलवाड़ा की द्वितीय इकाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी टीम ने बिना वक्त गंवाए शिकायत का तुरंत विधिक सत्यापन करवाया। दोपहर करीब 3 बजे से एसीबी की विशेष टीम ने अपना ऑपरेशन शुरू किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की योजना के अनुसार पीड़ित के चाचा को एसीबी टीम ने एक सीक्रेट वॉयस रिकॉर्डर (टेप) लगाकर तैयार किया।
रिश्वत की रकम के रूप में 50,000 रुपये के केमिकल लगे नोट देकर पीड़ित के चाचा को होटल के उस कमरे में भेजा गया जहां हेड कांस्टेबल मौजूद था। जैसे ही कमरे के भीतर एमपी पुलिस के हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई ने पीड़ित के चाचा से 50,000 रुपये की यह रिश्वत अपने हाथ में थामी, वैसे ही बाहर पूरी मुस्तैदी से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने कमरे के भीतर धावा बोल दिया। आरोपी के हाथ धुलवाने पर वे केमिकल के कारण पूरी तरह लाल हो गए, जिसके बाद उसे विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
भीलवाड़ा एसीबी की इस त्वरित और सफल कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। एसीबी के आला अधिकारियों के अनुसार, रतलाम से भीलवाड़ा आई इस 3 सदस्यीय टीम में शामिल अन्य 2 पुलिसकर्मियों की इस पूरे भ्रष्टाचार और उगाही के खेल में क्या संलिप्तता थी, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।
इसके साथ ही, आरोपी हेड कांस्टेबल ने अपनी थानाप्रभारी (मैडम) के नाम पर जो 50,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की थी, उस विधिक बिंदु की भी कड़ाई से पड़ताल की जा रही है कि क्या इस पूरे रैकेट के तार रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के उच्च अधिकारियों से भी जुड़े हुए हैं। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमके तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
30 Jun 2026 03:23 pm
Published on:
30 Jun 2026 03:20 pm
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