- विधानसभा चुनाव के कारण दो माह से पसरा था सन्नाटा - सत्ता बदली, अब कांग्रेस की बजाए भाजपा नेता ज्यादा दिखेंगे - दो माह तक मरम्मत का चला था काम, अफसरों का अब तक ठिकाना बना था
राजस्थान में सरकार बदल गई। सत्ता पर भाजपा काबिज हो गई। अब तक कांग्रेस नेताओं के जमावड़ा वाला सर्किट हाउस दो माह के आराम में था। यहां सन्नाटा अब जल्द खत्म होने वाला है। मंत्रिमंडल के गठन का इंतजार है। उसके बाद सर्किट हाउस में रौनक लौटेगी। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद से सर्किट हाउस में सन्नाटा पसरा था।
आचार संहिता के बाद मंत्रियों, जन प्रतिनिधियों व संगठनों के नेताओं की आवाजाही थम गई थी। इसी सन्नाटे के बीच सर्किट हाउस प्रशासन यहां की आंतरिक व्यवस्था बदलने में जुटा रहा। सर्किट हाउस नए रूप में नेताओं के स्वागत को तैयार है। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में चुनाव तिथि घोषणा के साथ आचार संहिता लग गई थी। उसके बाद जन प्रतिनिधियों ने यहां से डेरा बदल लिया था। उसके बाद पर्यवेक्षकों और चुनाव में लगे अन्य अफसरों की सर्किट हाउस में आवाजाही थी। चुनाव सम्पन्न होने के करीब एक माह से सर्किट हाउस को नेताओं का इंतजार है। दो माह से यहां के कर्मचारी भी आराम में थे।
वीआईपी कक्ष पर ताला
सर्किट हाऊस में 23 कक्ष अच्छी सुविधा युक्त हैं। 101 नंबर वीआईपी कक्ष है। आसपास का परिसर वीआईपी लॉन्ज में शामिल है। इसी कक्ष में सीएम, कैबिनेट व राज्यमंत्री, विशिष्ट अतिथि रूकते हैं। यह वीआईपी कक्ष अभी बंद है। यहां के तमाम कक्षों के साज-सज्जा व इलेक्टि्रक व्यवस्था में बदलाव के साथ गार्डन ववृक्षों की सार संभाल की गई है। मरम्मत का काम पूरा कर लिया।