
भीलवाड़ा. आप सुबह जिस प्लास्टिक के कप में चाय पी रहे हैं ये सिंगल यूज प्लास्टिक ही है। कई जगह शादी-समारोह में प्लास्टिक के डिस्पोजेबल का ही उपयोग हो रहा है। ये वही वस्तुएं है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। दो अक्टूबर से केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने की योजना बनाई। अभी पूरी तरह सख्ती नहीं हुई है लेकिन इसे जनता भी नहीं समझ रही है। हालात यह है कि अभी भी मार्केट में सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग हो रहा है। इसकी बिक्री करने वाले व्यापारियों पर भी अंकुश नहीं है। नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि इन व्यापारियों पर तथा जहां एेसी प्लास्टिक की वस्तुएं बनती है उस पर रोक लगाई जाए। इसके बावजूद कोई निगरानी नहीं होती है। यही वजह है कि शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
-----------
रोज एकत्र होता 130 टन कचरा
शहर में रोजाना 120 से 130 टन कचरा निकलता है। इसमें अधिकांश सिंगल यूज प्लास्टिक ही होता है। अब यहां कंपोस्ट प्लांट बना है जिससे खाद बनाई जाएगी।
--------
प्रतिबंध क्यों है जरूरी
जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग चिंता के विषय बने हुए हैं। प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकना और प्लास्टिक वैस्ट मैनेजमेंट गंभीर समस्या बनकर सामने आए हैं। हर वर्ष लाखों टन प्लास्टिक उपयोग कर फेंके जा रहे हैं। जो मिट्टी में घुलते-मिलते नहीं है। इन्हें जानवर भी खाते हैं जिनकी मौत हो रही है।
--------------
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोकथाम के प्रयास जारी है। व्यापारियों से भी समझाइस कर रहे हैं। लोगों को भी जागरुक किया जा रहा है।
अखेराम बड़ोदिया, अधिशासी अभियंता, नगर परिषद