भीलवाड़ा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए भीलवाड़ा को 30 विशेषज्ञ डॉक्टरों की सौगात दी है। इन नवनियुक्त डॉक्टरों को जिला चिकित्सालय, ईएसआई अस्पताल, उपजिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ट्रोमा सेंटर सहित जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तैनात किया गया है। विभागीय जानकारी […]
भीलवाड़ा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए भीलवाड़ा को 30 विशेषज्ञ डॉक्टरों की सौगात दी है। इन नवनियुक्त डॉक्टरों को जिला चिकित्सालय, ईएसआई अस्पताल, उपजिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ट्रोमा सेंटर सहित जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तैनात किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, एनेस्थिसिया विभाग के चार डॉक्टरों की नियुक्ति एसडीएच जहाजपुर, ईएसआई चिकित्सालय भीलवाड़ा, एसडीएच हमीरगढ़ और एसडीएच मांडलगढ़ में की गई है। इसी तरह बायोकेमिस्ट्री विभाग के तीन डॉक्टर एसडीएच मांडलगढ़, मांडल और कोटड़ी में लगाए गए हैं। इमरजेंसी मेडिसिन का एक डॉक्टर जिला चिकित्सालय शाहपुरा में तैनात किया गया है। इसके अलावा ईएनटी, फॉरेंसिक मेडिसिन और गायनाकोलॉजी विभाग में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
मेडिसिन विभाग के दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को मांडलगढ़ और बिजाैलिया में जिम्मेदारी दी गई है। जिले के महत्वपूर्ण विभागों जैसे न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, स्किन, सर्जरी और पैथोलॉजी में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्त किया गया है। फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी और पीएसएम विभाग के डॉक्टरों को सीएचसी और बीसीएमओ स्तर पर लगाया गया है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और गायनाकोलॉजी के विशेषज्ञ अब जिला चिकित्सालय भीलवाड़ा और शाहपुरा में अपनी सेवाएं देंगे।
मुख्य चिकित्सालय एमजी अस्पताल में भी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है, जिनमें डॉ. आरिफा बानो (आईएचबीटी), डॉ. विजय प्रकाश हावा (न्यूरोलॉजी), डॉ. गाैरी शंकर कांवां(फार्माकोलॉजी) और डॉ. उन्नति बत्रा (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) शामिल हैं। इन नियुक्तियों से अब जिले के मरीजों को गंभीर रोगों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ेगा।