
भीलवाड़ा।
विधानसभा चुनावों में लगी आचार संहिता के कारण सरकार से मिले गनमैन हटाने व हथियार जमा कराने के बाद नेताओं को अपने आप को खतरा महसूस होने लगा है। जिले के दो जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर शुचि त्यागी व जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह को पत्र लिखकर रिवॉल्वर व गनमैन मांग लिया। भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेडि़या ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है कि उनके पास लाइसेंसशुदा रिवॉल्वर है। आचार संहिता के कारण सुभाषनगर थाने की ओर से रिवॉल्वर जमा कराने के लिए सूचित किया गया है। बहेडि़या का तर्क है कि उनका राजस्थान के बाहर आना-जाना रहता है। एेसे में सुरक्षा की दृष्टि से रिवॉल्वर की आवश्यकता है। एेसे में रिवॉल्वर रखने की अनुमति दी जाए। उधर, मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने जिला कलक्टर को पत्र लिखे पत्र में खुद की सुरक्षा के लिए गनमैन मांगा है। इस पर जिला कलक्टर ने जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है।
मुख्य सचेतक का तर्क-हो सकती है अप्रिय घटना
मुख्य सचेतक गुर्जर ने जिला कलक्टर लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि १४ अक्टूबर को उनके घर में गोलीबारी कर भागे कुछ युवक घुस गए थे। एेसे में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। जिला कलक्टर ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में बताया कि ये वर्तमान में मंत्री दर्जा प्राप्त मुख्य सचेतक हैं। पूर्व में भी तीन बार मंत्री व विधायक रहे हैं। एेसे में चुनावों के दौरान उन्हें सुरक्षा के लिहाज से गनमैन उपलब्ध करवाया जाए।
इसलिए मांग रहे हैं नेता
आचार संहिता प्रभावी होने के कारण सभी विधायकों के गनमैन व सरकारी निजी सहायक हटा लिए गए हैं। अब गनमैन हटाने के कारण नेता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यही नहीं, जिन नेताओं को थाने में हथियार जमा कराने के लिए कहा जा रहा है, तो वे स्वयं को खतरा बता छूट मांग मांग रहे हैं।