राइजिंग राजस्थान से पहले खनन व्यवसासियों को लगा झटका जिला स्तरीय पर्यावरण समिति से जारी ईसी निरस्त
Bhilwara news : भीलवाड़ा राज्य सरकार ने प्रदेश में 9 से 11 दिसंबर व भीलवाड़ा में 8 नवंबर को होने वाले राइजिंग राजस्थान व इंवेस्टर समिट से पहले खनिज व्यवसायियों को बड़ा झटका दिया। खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने प्रदेश की सभी उन खदानों को बंद करने के आदेश दिए, जिन्होंने जिला स्तरीय पर्यावरण समिति से पर्यावरणीय स्वीकृति (ईसी) ली लेकिन प्रदेश स्तरीय पर्यावरण समिति से ईसी नहीं ली। ऐसी खदानों की ईसी निरस्त कर दी गई। ये खदानें 8 नवंबर से बंद हो जाएगी। प्रदेश में इनकी संख्या 15 हजार से अधिक है। भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले में लगभग 1600 खदानें हैं। प्रदेश की सभी खदाने बंद होने से लगभग 4 लाख श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे।
पोर्टल पर फॉर्म 2 अपलोड करें
खान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने आदेश दिए कि जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर फॉर्म 2 अपलोड नहीं किया है, वे 7 नवंबर तक फार्म अपलोड कर सीया से ईसी का पुनर्मूल्यांकन करवाएं अन्यथा एनजीटी के 8 अगस्त 2024 के निर्णय एवं वन एवं पर्यावरण मत्रांलय के 14 अक्टूबर के आदेश की अनुपालना में वे 7 नवंबर के बाद खनन कार्य करने को अनुमत नहीं होंगे। उनकी ईसी अवैध मानी जाएगी।
नहीं मिली राहत
खनिज व्यवसायियों का कहना है कि अब तक 15 हजार से अधिक ने फार्म 2 भरे हैं, उन्हें भी कोई राहत नहीं मिली है। व्यवसायियों का कहना है कि प्रदेश में तीन सीया थी, वे भी 10 अक्टूबर को भंग हो चुकी है। ऐसे में राज्य स्तर पर ईसी जारी करने वाली कमेटी नहीं है। हालांकि खान सचिव ने गत दिनों उदयपुर बैठक में कहा था कि इनकी समय सीमा बढ़ाई जाएगी। उद्यमियों का कहना है कि डीएमजी कार्यवाहक है। ऐसे में सरकार को ही राहत के लिए कदम उठाने होंगे।
यह है मामला
पांच हैक्टेयर तक के अप्रधान खनिज के ऐसे सभी खनन पट्टेधारियों या क्वारी लाइसेंस धारकों (पीपी) डीया में दिए निर्णय से ईसी जारी की गई। इनकी ईसी की पत्रावली डीया ने पोर्टल पर अपलोड कर सीया की ओर से मान्य किया जा कर पट्टेधारियों या क्वारीलाइसेंसधारकों को अवगत कराया जा चुका है। अब एनजीटी के 8 अगस्त के आदेश की पालना में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 14 अक्टूूबर को एमओ जारी किया। इसमें स्पष्ट किया कि जिनको 15 जनवरी 2016 से 11 दिसंबर 2018 मध्य डीया ने ईसी का सीया के माध्यम से पुनर्मूल्यांकन 7 नवंबर तक किया जाना अनिवार्य है। यदि कोई भी खनन पट्टेधारियों या क्वारीलाइसेंसधारक की ओर से 7 नवंबर तक सीया से ईसी का पुनर्मूल्यांकन प्राप्त नहीं किया है तो उन्हें 7 नवंबर के बाद खनन कार्य के लिए अनुमत नहीं होंगे।