- शिक्षा विभाग का अजब खेल, संस्था प्रधानों की जेब पर पड़ रहा भार
Bhilwara news : शिक्षा विभाग ने स्कूलों में वार्षिकोत्सव के आयोजन तो करवा लिए, लेकिन अब राशि देने की बारी आई तो स्कूलों को आधा भुगतान देकर अटका दिया। कैरियर मेले का एक भी पैसा स्कूलों को नहीं मिला। ऐसे में इन आयोजनों में हुए खर्च का भार संस्था प्रधान को वहन करना पड़ रहा। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड रहा। संस्था प्रधानों ने बताया कि विभाग की ओर से जनवरी माह में सरकारी विद्यालयों में वार्षिकोत्सव आयोजन के आदेश दिए। इसके खर्च के लिए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 10 हजार एवं प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 5 हजार की खर्च राशि निर्धारित की। इसी प्रकार विद्यालयों में 10 फरवरी को कैरियर डे मनाने के निर्देश जारी हुए इसके खर्च के लिए सरकारी विद्यालयों को 15 हजार तथा पीएमश्री विद्यालयों के लिए 50 हजार की राशि निर्धारित की। कार्यक्रमों में हुए खर्चों को संस्था प्रधानों ने अपनी जेब से अथवा विद्यालय कोष अथवा छात्र कोष से खर्च कर दिया। आयोजनों को हुए ढाई माह का समय बीतने के बाद भी केवल वार्षिकोत्सव की आधी राशि ही स्कूलों को देकर इतिश्री कर ली, जबकि कैरियर मेलें के खर्चे का कोई अता-पता नहीं।
संस्था प्रधानों का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किए। राशि का भुगतान तुरंत करना चाहिए था, जो नहीं किया गया। अब दो माह बाद राशि स्कूलों को जारी भी की है। वह भी आधी है। विभाग के आंकडों के अनुसार जिले की प्रत्येक विद्यालय को पांच हजार रुपए जारी किए जाने थे, लेकिन यह राशि अधूरी आई है। इसी प्रकार सीनियर सेकेण्डरी स्कूलों के लिए 10 हजार रुपए सरकार ने तय किए लेकिन अभी पांच हजार रुपए ही दिए है। ऐसे में स्कूलों के संस्था प्रधानों की जेब पर इस खर्च का भार पड रहा है।