तहसीलदार बोले - ड्रेस को लेकर जलील किया, जो उचित नहीं है - तहसीलदार के बिना हस्ताक्षर के पत्र से मचा हड़कंप- राजस्व अधिकारियों की बैठक से जुड़ा मामला
भीलवाड़ा। जिला कलक्ट्रेट में मंगलवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलक्टर आशीष मोदी ने आसींद कार्यवाहक तहसीलदार प्रवीण चौधरी को फटकार लगाते हुए बाहर निकाल दिया। इसके पीछे कारण तहसीलदार की विभागीय कामकाज में न्यून प्रगति एवं बैठक में जींस पहनकर पहुंचना रहा। दोपहर में हुए इस घटनाक्रम से तहसीलदार इतने आहत हो गए कि उन्होंने राजस्व मण्डल अजमेर के अध्यक्ष के नाम त्यागपत्र भेज दिया। हालांकि त्यागपत्र बगैर हस्ताक्षर का हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया। इधर, कलक्टर ने बैठक में हुए वाकये की व तहसीलदार ने भी राजस्व मण्डल के गु्रप में त्याग पत्र शेयर करने की पुष्टि की हैं।
इस पत्र से चर्चाओं ने पकड़ा जोर:
आसींद नायब तहसीलदार आरटीएस प्रवीण चौधरी तहसीलदार का कामकाज भी देख रहे है। उनके नाम का बिना हस्ताक्षर का राजस्व मण्डल अजमेर के अध्यक्ष को लिखा पत्र सामने आया है। पत्र की प्रतिलिपि में कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी आसींद का उल्लेख है। जिसमें लिखा है कि तहसीलदार का कार्य मेरे द्वारा ही संपादित किया जा रहा है। मैं स्वीकार करता हूं कि मेरे कर्त्तव्य निर्वहन में व्यापक खामियां है। जिला कलक्टर की ओर से 30 अगस्त 22 को राजस्व अधिकारियों की बैठक जो किया, उससे मेरे आत्म विश्वास और गरिमा के साथ खिलवाड़ किया है। मेरी अंर्तआत्मा जमीर मुझे सहमति नहीं देता हैं कि मैं इस पद पर पदस्थापित रहूं। शायद मेरा फैसला भावनात्मक हो सकता है, लेकिन मेरे नैतिक दृष्टिकोण से यह सही व तार्किक है। पत्र में यथाशीघ्र त्यागपत्र स्वीकार करने का निवेदन किया हैं।
मुझे व्यक्तिगत टारगेट किया:
आसींद में तहसीलदार के तबादले के बाद आठ अगस्त को मुझे तहसीलदार का चार्ज दिया गया। 34 में से आठ पटवारी ही है, इसके बावजूद मैं पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा हूं। कामकाज में किसी प्रकार की कमी को लेकर बैठक में बात करने का कलक्टर को अधिकार हैं, लेकिन मुझे व्यक्तिगत टारगेट करने के साथ ही ड्रेस कोड को लेकर जलील किया एवं 50 अधिकारियों के सामने बैठक से बाहर निकाला गया। जो उचित नहीं हैं। मेरे आत्म विश्वास को ठेस पहुंचाई हैं। मैंने त्यागपत्र राजस्व मण्डल के गु्रप में भेज दिया है।
प्रवीण चौधरी कार्यवाहक तहसीलदार आसींद
इनका कहना है -
तहसीलदार की विभागीय कार्यों में प्रगति न्यून थी। जो बैठक का एजेंडा था, उसके हिसाब से तैयारी के साथ नहीं पहुंचे थे। जब बैठक में उन्हें खड़ा किया तो जींस पहनकर आए हुए थे, जिस पर डांटने के साथ ही बैठक से बाहर निकाला था। बिना हस्ताक्षर के त्याग पत्र की जानकारी मुझे मिली है। जिसमें भी उन्होंने विभागीय कामकाज में स्वयं की कमियां बताई हैं। बुधवार को मामले को सुलझा दिया जाएगा।
आशीष मोदी, जिला कलक्टर भीलवाड़ा