- जिला कारागार के सामने लगाते कचरे में आग - प्रदूषण नियंत्रण विभाग निगम को देगा नोटिस
Bhilwara news : नगर निगम के सफाई कर्मचारी कचरे में आग लगा रहे है। जिला कारागार के सामने कचरा स्टैण्ड पर यह नाजरा देखाजा सकता है। शिकायत के बाद भी निगम इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा। इससे शहर की आबोहवा बिगड़ रही है। इस मार्ग से निकलने वालों को भी परेशानी हो रही। विशेषज्ञों के अनुसार ठोस कचरा जलने से डाई-आक्सिन गैस पर्यावरण में घुलती है। यह सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर ब्लड व फेफड़ों के कैंसर का कारण बनती है।
कचरा जलाने से आमजन को नुकसान
निगम एरिया में प्रतिदिन करीब 240 टन कचरा निकलता है। इसमें से कुछ टन कचरा रोजाना जलाया जा रहा। इसमें प्लास्टिक व थर्माकोल की आइटम भी होते है। कचरा जलने से पर्यावरण में डाई-आक्सिन गैस का स्तर 750 पीपीएम तक पहुंच जाता है। जबकि शहर में सामान्य तौर पर इसका स्तर 50 पीपीएम तक रहता है।
यहां जलाया जा रहा कचरा
कचरे का उठाव नहीं होने से शहर में दो-चार नहीं बल्कि दर्जनों जगह कचरा जलाया जाता है। कई जगह तो प्लास्टिक के डस्टबिन भी जलकर राख हो रहे। कचरे के ढेरों में सफाई कर्मचारी आग लगाते है। इससे कचरा सुलगता रहता है। शहर के जेल के सामने, कुवाड़ा क्षेत्र, अस्पताल परिसर, मंडी रोड़, गांधीसागर तालाब, आजादनगर, पांसल चौराहा, बापूनगर क्षेत्र समेत कई जगह कचरे को जलते हुए देखा जा सकता है।
कचरा जलाना खतरनाक
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल का कहना है कि ठोस कचरे का जलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसके जलने से डाई-आक्सिन गैस पर्यावरण में घुलती है। यह कैंसर का कारण बनती है। यदि सांस के साथ एक पीपीएम भी शरीर में प्रवेश कर जाता है तो वह भी खतरनाक है। मामले में नगर निगम को नोटिस जारी किया जाएगा।