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एसआई-प्लाटून कमांडर भर्ती आज से: 1 घंटे पहले बंद होंगे गेट, परीक्षा के चलते प्रवेशोत्सव अब 7 को

नकल रोकने के कड़े इंतजाम: सुबह 10 बजे और दोपहर 2 बजे के बाद नो एंट्री

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SI-Platoon Commander Recruitment Examination

एसआई-प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा

राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में उप-निरीक्षक और प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा रविवार से शुरू हो रही है। दो दिन रविवार व सोमवार को चलने वाली इस परीक्षा को लेकर जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नकल और डमी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए नियम इतने सख्त हैं कि परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले केंद्रों के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। वहीं, प्रदेश स्तर पर होने वाली इस बड़ी परीक्षा के कारण माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रवेशोत्सव सघन अभियान के द्वितीय चरण के शेड्यूल में भी बदलाव किया है। अब यह चरण 6 अप्रेल की बजाय 7 अप्रेल को होगा।

दो पारियों में परीक्षा, 1 घंटे पहले एंट्री होगी बंद

परीक्षा 25 केंद्रों पर चार पारियों प्रतिदिन दो पारी में होगी। पहली पारी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। हर पारी में 7660 से अधिक अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। केंद्र पर परीक्षा से दो घंटे पहले प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन प्रथम पारी में सुबह 10 बजे और द्वितीय पारी में दोपहर 2 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे।

880 अधिकारियों-कर्मचारियों के हवाले कमान

परीक्षा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए 795 वीक्षक, 25 केंद्राधीक्षक, 25 अतिरिक्त केंद्राधीक्षक और 35 ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। कुल 880 अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। इनमें मुख्य रूप से व्याख्याता और सेकंड ग्रेड शिक्षक शामिल हैं। प्रबोधकों को इस परीक्षा ड्यूटी से मुक्त रखा गया है, ताकि स्कूलों में चल रहे प्रवेशोत्सव की तैयारियां प्रभावित न हों।

परीक्षा के कारण बदला प्रवेशोत्सव का शेड्यूल

प्रदेश भर में एसआई परीक्षा के आयोजन को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए जारी प्रवेशोत्सव सघन अभियान के दूसरे चरण की तारीख बदल दी है। 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन के लिए 6 अप्रेल को प्रस्तावित डोर-टू-डोर सर्वे अब 7 अप्रेल को होगा। निदेशक सीताराम जाट के आदेशानुसार प्रवेशोत्सव के तहत सर्वे ड्यूटी में लगे 25 फीसदी शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है। उन्हें उपस्थिति के लिए स्कूल में हस्ताक्षर करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें ऑन ड्यूटी माना जाएगा। इन नामित शिक्षकों को सुबह 7 बजे से फील्ड में रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करना होगा और इसके बाद प्रवेशोत्सव ऐप पर डाटा सिंकिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी। आदेश में सख्त हिदायत दी गई है कि यदि सर्वे में कोई घर छूटता है या कोई विसंगति पाई जाती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित पीईईओ या यूसीईईओ की तय की जाएगी।