- एक अप्रेल से लागू होने वाले ड्रोन सर्वे को फिलहाल टालने की सीएम से की मांग
Bhilwara news : प्रदेश में एक अप्रेल से शुरू होने वाले ड्रोन सर्वे को लेकर खान मालिकों का विरोध बढ़ रहा है। इसे लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर राजस्थान ग्रेनाइट माइनिंग एसोसिएशन व भीलवाड़ा चेजा पत्थर एवं क्रेशर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के सानिध्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की। खनन पट्टा धारकों के पदाधिकारी ने खदानों पर प्रस्तावित ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के बारे में अवगत कराया। समस्याओं के हल के लिए लीजधारकों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए खान विभाग के तकनीकी अधिकारियों के साथ एक कमेटी गठन करने का आग्रह किया। इससे ड्रोन सर्वे से संबंधित तकनीकी समस्याओं का हल निकालने के साथ नई गाइडलाइन जारी कर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की। फिलहाल ड्रोन सर्वे को स्थगित किया जाए। भीलवाड़ा चेजा पत्थर एवं क्रेशर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार सोनी ने कहा कि सरकार ने अप्रधान खनिजों की खदानों पर ड्रोन सर्वे के माध्यम से वॉल्यूमैट्रिक एसेसमेंट किया जाना है, लेकिन इससे परेशानी बढ़ जाएगी। क्योंकि यह जल्दबाजी में गाइडलाइन जारी की है। इसमें कई तकनीकी खामियां है। इसका समाधान किया जाना जरूरी है। तकनीकी अधिकारियों व लीज धारकों के बीच विचार-विमर्श नहीं हुआ और ना उनके सुझाव व शंकाओं पर चर्चा हुई। ड्रोन सर्वे के माध्यम से वॉल्यूमैट्रिक गणना की नीति को 1 अप्रेल से लागू करने से पूर्व अप्रधान खनिज के सभी मिनरल्स की संस्थाओं के प्रतिनिधियों व विभाग के निदेशक के सानिध्य में तकनीकी अधिकारियों को शामिल करते हुए एक कमेटी का गठन किया जाए। प्रतिनिधि मंडल में राजस्थान ग्रेनाइट माइनिंग एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष भंवरसिंह धाँधिया, महासचिव बजरंग लाल जांगिड़, मुख्य संरक्षक कैलाश सिंह मेड़तिया, शिवकुमार खीचड़ शामिल थे।