- भीलवाड़ा जिले में हैं पंजीकृत 35 गोशालाएं, इनमें है 15 हजार से अधिक गोवंश
Bhilwara news : राज्य सरकार ने बजट में पात्र गोशालाओं में पल रहे गोवंश के चारे-पानी की व्यवस्था के लिए अनुदान राशि में 15 प्रतिशत का इजाफा किया है। इससे गोवंश के लिए चारा-पानी व छाया आदि की व्यवस्थाएं अब पहले से बेहतर होगी। सरकार ने पंजीकृत गोशालाओं में संधारित गोवंश के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि की घोषणा की है। अनुदान राशि में बढ़ोत्तरी के बाद अब बड़े गोवंश के लिए 50 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। जबकि पहले 44 रुपए मिलते थे। इसी तरह छोटे गोवंश के लिए 25 रुपए मिलेंगे। जबकि पहले 22 रुपए मिलते थे। अनुदान राशि बढ़ाने से जिले की पात्र 35 गोशालाओं में पल रहे करीब 15 हजार से अधिक गोवंश लाभांवित होंगे। प्रदेश में पिछले दस साल से गोशालाओं में संरक्षित होने वाले गोवंश के लिए सरकार की ओर से स्थाई अनुदान की व्यवस्था की है और समय-समय पर बढ़ोत्तरी हो रही है।
अनुदान से पहले होती है जांच
अनुदान देने से पहले गोशालाओं की जांच की जाती है। इसके लिए एक कमेटी भौतिक सत्यापन करती है। इसके बाद आवेदनों की पड़ताल की जाती हैं। कलक्टर की अध्यक्षता में जिला गोपालन समिति की बैठक होती है। गोशालाओं से जुड़े पदाधिकारियों को भी इसमें बुलाया जाता है। इसके बाद गोशालाओं को अनुदान जारी किया जाता है। गोवंश के स्वास्थ्यवर्धन के लिए सर्दी के मौसम में बाजरा देने की भी घोषणा की है। यह भी गोवंश के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
बाजरा भी मिलेगा
पशु पालन विभाग के उपनिदेशक के अनुसार बजट घोषणा से संचालित गोशालाओं व नंदी शालाओं के लिए प्रति पशु देय अनुदान को आगामी वर्ष में 15 फीसदी तक बढ़ाकर 50 रूपए प्रतिदिन किए जाने की घोषणा की है। साथ ही शीत ऋतु में गायों के स्वास्थ्य वर्धन के लिए अनुदान के स्थान पर बाजरा की भी उपलब्धता कराया जाएगा।
अनुदान बढ़ने से यह होगा फायदा
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