राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की रैकिंग में झुंझुनूं अव्वल सिरोही, बांसवाड़ा व बीकानेर अंतिम तीन पायदान पर
Bhilwara news : भीलवाड़ा जिला लगातार प्रदेश की शिक्षा रैकिंग में पिछड़ रहा है। भीलवाड़ा टॉप टेन में नहीं आ पा रहा है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से शाला दर्पण पर उपलब्ध डाटा के आधार पर हर माह रैंकिंग जारी की जाती है। सितंबर व अक्टूबर की रैंकिंग में भीलवाड़ा जिले को 12वां स्थान मिला है। पिछली चार बार की रैकिंग में जिला पिछड़ रहा है। इसका बड़ा कारण अधिकारियों के रिक्त पद व अन्य डाटा फिडिंग समेत अन्य कार्यों को माना जा रहा है। पहले जिला प्रदेश में टॉप टेन में था। पहले रैकिंग 43 बिन्दुओं पर जारी होती थी। अब लगातार जिला रैकिंग में भीलवाड़ा 12वें स्थान पर बना हुआ है।
रैकिंग में भीलवाड़ा जिले को 50.68 प्रतिशत स्कोर मिला। झुंझुन जिला 55 अंक के साथ सिरमौर है। सिरोही 43.00, बांसवाड़ा 43.85 और बीकानेर जिले को 44.90 स्कोर के साथ अंतिम तीन नंबर पर काबिज है।
इस कारण पिछड़ा जिला
शिक्षा विभाग 12 बिन्दुओं पर हर माह व हर दिन की रैकिंग जारी होती है। इसमें काउंसिल इंस्पायर अवार्ड, एसटीएसई, इंदिरा प्रियदर्शनी, गार्गी, नामांकन में विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति, विद्यार्थियों को पुस्तकालय की पुस्तकों का वितरण, बोर्ड परीक्षाओं में चार या पांच स्टार रैटिंग प्राप्त करने वाले विद्यालयों, नामांकन में बढ़ोतरी सहित अन्य बिन्दुवार के नंबर जारी होते हैं, लेकिन भीलवाड़ा जिला स्कूलों की ओर से विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन प्रोग्रेस तथा ज्ञान संकल्प पोर्टल से डोनेशन में स्कूल द्वारा सूचना भरनी होती है, लेकिन इसमें कुछ ब्लॉक द्वारा उपस्थित दर्ज नहीं करने के कारण जिले की साख प्रदेश में बिगड़ गई।
संस्था प्रधान को जारी किए नोटिस
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से हर माह जिलेवार रैंकिंग जारी होती है। सुवाणा व बिजौलिया ब्लॉक की ओर से कुछ बिन्दुओं पर सूचना नहीं भरने के कारण जिले की रैंकिंग पिछड़ी है। संबंधित संस्था प्रधान को जिला कलक्टर के निर्देश पर नोटिस जारी किए गए है। जिले को 50.68 का स्कोर प्राप्त हुए है।
योगेश चंद्र पारीक, एडीपीसी भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले की स्थिति