30 रुपए में मिलेगा किट, भीलवाड़ा जिले में 94 हजार छात्र
Bhilwara news : नई शिक्षा नीति में प्रारंभिक स्तर पर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की समझ पर बल दिया जा रहा है। इसलिए लिट्रेसी न्यूमेसी के तहत बालक-बालिकाओं को गतिविधि आधारित गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों को कला किट उपलब्ध कराई जाएगी। कला किट में शामिल सामान प्रति विद्यार्थी 30 रुपए में दिया जाएगा। इस किट में शामिल सामान से विद्यार्थी को सीखने की सरल, सहज, रोचक एवं आनन्ददायी शिक्षा मिल सकेगी।
इन विद्यार्थियों को मिलेगी किट
सहज एवं सरल शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी स्कूलों, मां बाड़ी तथा संस्कृत शिक्षा विभाग के स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को किट उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में इन कक्षाओं में 32 लाख 37 हजार 753 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जबकि भीलवाड़ा जिले में इनकी संख्या 94 हजार से अधिक है। इन विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर बजट स्वीकृत किया गया है।
9. 71 करोड़ का बजट आवंटित
लिट्रेसी न्यूमेसी के तहत बालक-बालिकाओं को गतिविधि आधारित गुणात्मक शिक्षा के लिए 9 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश के 33 जिलों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार 9 करोड़ 71 लाख 37 हजार 590 रुपए की राशि आवंटित की गई है। भीलवाड़ा जिले को 28.20 लाख रुपए का बजट मिला है।
कला किट में यह सामग्री
कला किट में कलर एवं स्केच तथा कलर पेंसिल का सेट, पेंसिल के 3 नग, रबर के 2 नग तथा शॉर्पनर का एक नग शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य अगर बच्चा अपनी कल्पना से कोई चित्र बनाता है, तो उसमें रंग भर सके और संतुष्ट नहीं होने पर उसे मिटा कर दूसरा भी बना सके। इसके अलावा स्केच बुक अलग से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कार्यालय से ब्लॉक कार्यालय को कला किट की राशि प्राप्त होने की तिथि से 3 दिवस में विद्यालय स्तर तक राशि का वितरण करना होगा।
अभिभावक भी देंगे ध्यान
कला किट का बच्चे कितना उपयोग कर रहे हैं। इसकी निगरानी के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी तो तय की गई है। अभिभावकों से भी अपेक्षा की गई है कि विद्यार्थियों को कला किट के उपयोग से सृजनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही शिक्षकों एवं संस्था प्रधान के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखना है।