- खरमास की शुरुआत, अप्रेल से फिर गूंजेगी शहनाइयां
Bhilwara news : सूर्य के कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास की शुरुआत हो गई। बृहस्पति की राशि में सूर्य के गोचर के कारण करीब एक माह तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 14 अप्रेल को सूर्य के मीन राशि छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करने पर मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि सूर्य के उच्च अंश की कक्षा मेष राशि में मानी जाती है। मीन राशि में सूर्य का अंश कमजोर होता है। जब सूर्य का मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में परिवर्तन होता है तब सूर्य का अंश बढ़ जाता है। सूर्य उच्च अंश में आकर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। यही कारण है कि चैत्र और वैशाख मास में सूर्य का मेष राशि में परिभ्रमण होता है और यहीं से पुन: मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
अगले दो माह में विवाह के 13 मुहूर्त
अप्रेल माह में 2, 7, 9, 14, 16, 18, 19 व 30 को तथा मई माह में 1, 7, 8, 28 व 29 तारीख को विवाह आदि के शुभ मुहूर्त रहेंगे। जून में केवल आठ तारीख को शुभ मुहूर्त रहेगा। मुंडन संस्कार के लिए अप्रेल में 14, 24 और मई माह में एक व 3 तारीख को मुहूर्त है। आठ जून के बाद गुरु का वार्धक्य दोष एवं गुरु के अस्त होने से विवाह आदि नहीं हो सकेंगे। फिर 16 नवंबर से विवाह कार्य पुन: आरंभ होंगे 16, 22, 23, 25, 30 नवंबर और दिसंबर में केवल चार दिसंबर को मुहूर्त हैं।