
श्वसुर का धारदार हथियार से रेत दिया गला, दामाद अब भुगतेगा उम्रकैद
भीलवाड़ा. अपर सेशन न्यायालय संख्या एक ने ढाई साल पूर्व ससुर की हत्या के आरोप में दामाद गोलपुरा (मध्यप्रदेश) निवासी मुकेश भील को दोषी मानते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीन हजार रुपए जुर्माने के भी आदेश दिए।
छह अक्टूबर २०१६ को लक्ष्मीपुरा निवासी कैलाश दरोगा ने मांडल थाने में मामला दर्ज कराया। परिवादी ने बताया कि उसका मकान लक्ष्मीपुरा में है। मकान के बाहर के कमरे में तेजाजी नगर (इंदौर) निवासी कन्हैयालाल भील, उसकी पत्नी, पुत्र, पुत्री और दामाद मुकेश भील किराए पर रहते हैं। कन्हैयालाल निर्माण कार्य में मजदूरी करता था। कन्हैया और उसके दामाद मुकेश आए दिन झगड़ते थे।
पांच अक्टूबर २०१६ की रात सोने के लिए कन्हैया और मुकेश छत पर चले गए। अगले दिन देर सुबह तक कन्हैया और मुकेश नीचे नहीं आए तो मुकेश की पत्नी चाय लेकर छत पर गई। वहां कन्हैया मृत मिला। बिस्तरों में खून बिखरा। कन्हैया के गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में धारदार हथियार से वार के निशान थे। वहां मुकेश नहीं मिला। मांडल थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। अपर लोक अभियोजक मुकुंदसिंह पंवार ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया।