आधुनिकीकरण और फाइबर स्कीम से फिर दौड़ेगीकपड़ा उद्योग की रफ़्तार केंद्रीय बजट में टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा के लिए उम्मीदों का नया पिटारा खोल दिया है। टेक्सटाइल मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने रोजगार-गहन कपड़ा क्षेत्र के लिए एक व्यापक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम फॉर टेक्सटाइल सेक्टर की घोषणा की है। यह घोषणा भीलवाड़ा […]
केंद्रीय बजट में टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा के लिए उम्मीदों का नया पिटारा खोल दिया है। टेक्सटाइल मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने रोजगार-गहन कपड़ा क्षेत्र के लिए एक व्यापक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम फॉर टेक्सटाइल सेक्टर की घोषणा की है। यह घोषणा भीलवाड़ा के सिंथेटिक और स्पिनिंग मिल मालिकों के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है। बजट में घोषित नई योजनाओं का सीधा फायदा भीलवाड़ा के टेक्सटाइल क्लस्टर को मिलेगा, जो लंबे समय से टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और कच्चे माल की सुलभता की मांग कर रहा था।
बजट में सबसे अहम घोषणा लेगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को लेकर की गई है। इसके तहत पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को पुनर्जीवित किया जाएगा। भीलवाड़ा जो दशकों से टेक्सटाइल का गढ़ रहा है, इस योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट और तकनीक अपग्रेडेशन का सीधा लाभ उठा सकेगा।
पुरानी मशीनों को बदलने के लिए टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम लाई गई है। इसमें मशीनरी के लिए कैपिटल सपोर्ट और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन मिलेगा। सरकार ने टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एंप्लॉयमेंट स्कीम का ऐलान किया है। इससे भीलवाड़ा के उद्योग अत्याधनिक हो सकेंगे। इससे उत्पादन की गति और कपड़ों की क्वालिटी, दोनों में सुधार होगा।
अब तक हम कपास पर निर्भर थे, लेकिन अब सरकार मैन-मेड फाइबर और न्यू-एज फाइबर पर भी जोर देगी। भीलवाड़ा में सिंथेटिक और सूटिंग-शर्टिंग का बड़ा काम है। पॉलिएस्टर और विस्कोस जैसे मैन-मेड फाइबर में आत्मनिर्भरता से यहां की मिलों को सस्ता कच्चा माल मिल सकेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नीति का उद्देश्य पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है। फाइबर से फैशन तक। चूंकि यह एक लेबर-इंटेंसिव (श्रम-प्रधान) सेक्टर है, इसलिए नई इकाइयों और विस्तार से भीलवाड़ा में हजारों नए रोजगार पैदा होने की संभावना है।
इंडस्ट्री को कुशल कारीगर मिलें, इसके लिए समर्थ 2.0 लॉन्च किया। इसमें इंडस्ट्री व शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर टेक्सटाइल स्किलिंगइकोसिस्टम को सुधारा जाएगा।
इस बार का बजट छोटे और मझोले टेक्सटाइल उद्योगों के लिए मिला-जुला है। सरकार ने एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का दायरा बढ़ाया है, जो स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे हमें वर्किंग कैपिटल जुटाने में आसानी होगी। तकनीकी टेक्सटाइल पर जोर देना भविष्य के लिए अच्छा है।
बजट भीलवाड़ा के उद्यमियों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। विशेष रूप से मशीनों के लिए कैपिटल सपोर्ट और फाइबर स्कीम से हमारी उत्पादन लागत कम होगी और हम ग्लोबल मार्केट में मुकाबला कर पाएंगे। यह मेक इन इंडिया को भीलवाड़ा से नई ताकत देगा।
आरके जैन, महासचिव मेवाड़चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
देश का संतुलित बजट है। कपड़ा उद्योग की प्रगति में सहायक होगा। यदि आयकर सीमा में थोड़ा बदलाव करते या उसका दायरा बढ़ाते को आम जन को फायदा होता।
लादू राम बांगड़, चैयरमेनरेड़क्राॅस सोसायटी
सरकार द्वारा हर जिले में महिला छात्रावास बनाने की घोषणा से छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित होगी। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शी-मार्ट का प्रस्ताव महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा।
पल्लवी लड्ढा, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती महिला इकाई
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रेल से लागू हो रहा है। एमएसएमइ सेक्टर को सस्ती वित्तीय मदद देने, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को मज़बूती देने, तथा डिजिटल और पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने की कई पहलें शामिल हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेंगी।
प्रिया कोठारी, महिला उद्यमी
टेक्सटाइल पार्क का एलान किया है, जो भीलवाड़ा के लिए काफ़ी समय से प्रतीक्षारत है। इसे सांसद दामोदर अग्रवाल, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र के सहयोग से भीलवाड़ा के लिए आवंटन करवा पाने में सफल होंगे।
महेश हुरकट, प्रांत अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
भीलवाड़ा जैसे औद्योगिक और एमएसएमई-प्रधान जिलों के लिए विकास, निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला बजट है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स सुधार, कस्टम ड्यूटी में छूट, सेफ हार्बर, डिफर्ड ड्यूटी पेमेंट और ट्रस्टेडमैन्युफैक्चरर जैसी व्यवस्थाएं स्थानीय उद्योगों की लागत घटाने और उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक बाज़ार से जोड़ने में सहायक होंगी।
सीए हरीश सुवालका